
Exclusive: पटना. बिहार में अपार्टमेंट के फ्लैटों की दाखिल खारिज का इंतजार करने वालों के लिए अच्छी खबर है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से अगले महीने से दाखिल खारिज शुरू करने के लिए राज्यपाल के माध्यम से अध्यादेश लाने की तैयारी है. फिलहाल दाखिल खारिज को लेकर विभाग की तरफ से नया सॉफ्टवेयर बन चुका है. हालांकि दाखिल खारिज एक्ट में इससे संबंधित प्रावधान नहीं होने की वजह से विधि विभाग से नये एक्ट की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है. वहां से मंजूरी मिलने के बाद राज्यपाल के माध्यम से अध्यादेश लाकर इसे लागू कर दिया जायेगा और सॉफ्टवेयर के माध्यम से फ्लैटों की दाखिल खारिज शुरू हो जायेगी. इसकी विधिवत मंजूरी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में ली जायेगी.
मुख्य बातें
- नया सॉफ्टवेयर तैयार, नियमों में संशोधन के लिए विधि विभाग से मंजूरी का इंतजार
- फ्लैट खरीदार के नाम दाखिल-खारिज करने में तकनीकी और कानूनी परेशानी का होगा बेहतर समाधान
अप्रैल 2025 से लगी हुई है रोक
विभाग का उद्देश्य फ्लैटों की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को स्पष्ट, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सही बनाना है. इससे फ्लैट को लेकर विवाद पर विराम लग सकेगा. सूत्रों के अनुसार बिहार में अपार्टमेंट की जमीन के फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज पर अप्रैल 2025 से रोक लगी हुयी है. इसे लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर अपार्टमेंट की जमीन का फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज, नामांतरण और जमाबंदी सृजन की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकने को कहा था.
नियमावली में नहीं थी व्यवस्था
विभाग के अनुसार बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम 2011 और नियमावली 2012 में अपार्टमेंट की जमीन का सीधे फ्लैटधारियों के नाम दाखिल खारिज करने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है. साथ ही विभागीय सॉफ्टवेयर में भी इसके लिए आवश्यक प्रावधान नहीं था. यही वजह थी कि अलग-अलग अंचलों में फ्लैट की जमीन के दाखिल-खारिज को लेकर अलग-अलग तरीके अपनाये जा रहे थे.
तकनीकी और कानूनी परेशानी का समाधान
दरअसल, फ्लैट की रजिस्ट्री के समय खरीदार को अपार्टमेंट की जमीन में आनुपातिक हिस्सा यानी प्रोपोर्शनेट ऑफ लैंड मिलता है, लेकिन यह जमीन अपार्टमेंट के किस हिस्से में है, इसे अलग से चिह्नित करना संभव नहीं होता. ऐसे में सामान्य जमीन की तरह फ्लैट खरीदार के नाम दाखिल-खारिज करने में तकनीकी और कानूनी परेशानी पैदा हो रही थी.
विभाग ने लिया था नयी व्यवस्था तैयार करने का निर्णय
ऐसे में फ्लैट की दाखिल खारिज पर रोक के बाद विभाग ने नयी व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया. इसके तहत अपार्टमेंट की जमीन और फ्लैटधारियों को आवंटित आनुपातिक भूमि के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर में शामिल किया जा रहा है. विभागीय स्तर पर इसके लिए प्रक्रिया और नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पहले भी विभाग ने स्पष्ट किया था कि नया सॉफ्टवेयर तैयार होने और आवश्यक प्रावधान लागू होने के बाद ही अपार्टमेंट की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी.
बिहार की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
फ्लैट खरीदारों नहीं लगाना होगा अंचल कार्यालयों का चक्कर
फिलहाल नयी व्यवस्था लागू होने के बाद फ्लैट खरीदारों को दाखिल-खारिज के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है. बिहार भूमि पोर्टल पर फिलहाल सामान्य दाखिल-खारिज की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, जबकि फ्लैटों के मामले में नयी व्यवस्था लागू की जानी है.
The post Exclusive: अपार्टमेंट के फ्लैटों की दाखिल-खारिज का रास्ता साफ, बिहार सरकार लाने जा रही है अध्यादेश appeared first on Prabhat Khabar.
