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सदर अस्पताल परिसर में लगातार पार्किंग विवाद के बावजूद प्रबंधन फिर इसे ठेका पर देने में जुट गया है। सिविल सर्जन के निर्देश पर अस्पताल परिसर स्थित पार्किंग स्थल का ठेका वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए एग्रीमेंट की तिथि से 12 माह के लिए किया जाएगा। इसके लिए 28 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है। वहीं, 29 अक्टूबर को टेंडर खुलेगा। टेंडर होने के बाद एक बार फिर सदर अस्पताल आने वाले लाचार मरीज के परिजनों को पार्किंग शुल्क देना होगा। सबसे बड़ी बात है कि अस्पताल में ओपीडी में दिखाने के लिए मरीज 10 रुपए का टोकन कटाते हैं। अब उतने ही पैसे वाहन लगाने के लिए देने होंगे। बड़े अस्पतालों में गार्ड मैनेज करते हैं पार्किंग, सदर में करेंगे ठेकेदार
राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स सहित सभी प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीज के वाहनों की पार्किंग के लिए पैसे नहीं देने होते हैं। रिम्स में रोजाना 2000 से अधिक मरीजों के वाहन आते हैं। लेकिन, पार्किंग को लेकर कोई विवाद नहीं होता। क्योंकि, अस्पताल के गार्ड सतर्क रहते हैं। निजी अस्पतालों में भी व्यवस्थित तरीके से पार्किंग कराई जाती है। लेकिन, सदर अस्पताल जहां सबसे गरीब मरीज आते हैं, वहां पार्किंग से कमाई की तैयारी की गई है।
सदर अस्पताल में विवाद के बाद भी पार्किंग का फिर टेंडर होगा, मरीज के परिजनों को लगेगा शुल्क
