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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन को लेकर भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के कथित विवादित बयान के विरोध में शुक्रवार को गढ़वा में आदिवासी समाज का आक्रोश देखने को मिला। आदिवासी एकता मंच के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने विधायक के आवास का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालकर रंका मोड़ पहुंचकर विधायक का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक से आदिवासी समाज के समक्ष सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो के युवा जिला अध्यक्ष सह आदिवासी एकता मंच के संरक्षक संजय सिंह छोटू ने किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी से आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के विरोध में विधायक के आवास का घेराव और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक के आवास का घेराव कर की नारेबाजी: प्रदर्शन में शामिल लोग जुलूस की शक्ल में विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के आवास पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए जमकर नारेबाजी की और विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। स्थिति को देखते हुए विधायक के आवास के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इसके बाद प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में रंका मोड़ पहुंचे, जहां विधायक का पुतला दहन किया गया। क्या है पूरा मामला: दरअसल, भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने एक यूट्यूबर को दिए गए 13 सेकंड के इंटरव्यू में एमएमडीआर बिल के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर टिप्पणी की थी। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के रोने की तुलना उनकी मां के निधन जैसी स्थिति से की थी। साथ ही रोजगार में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सवाल उठाया था। बताया गया कि इस बयान के सातवें दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन हो गया। इसके बाद विधायक के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध शुरू हो गया। इस मामले में विधायक के खिलाफ रंका थाना में एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है। हालांकि, मामले में आरोपों और कानूनी प्रक्रिया से संबंधित अंतिम निष्कर्ष जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
गढ़वा में भाजपा विधायक के खिलाफ आदिवासी समाज का जोरदार प्रदर्शन

