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समस्तीपुर शहर में अष्टमी के मौके पर विभिन्न पूजा पंडालों में माता का खोईंछा भरने के लिए महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही शहर के पुरानी दुर्गा स्थान मंदिर स्थित पूजा पंडाल में खोईंछा भरने के लिए महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई। शहर में मान्यता है कि पुरानी दुर्गा स्थान मंदिर में माता का खोईंछा भरने के बाद ही महिलाएं अन्य पूजा पंडालों में जाती हैं। यही वजह है कि अष्टमी के दिन यहां विशेष भीड़ रहती है। करीब 400 वर्ष पुराने इस मंदिर के प्रति शहरवासियों में गहरी आस्था है। मंदिर परिसर में व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे दीपक कुमार ने बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं माता का खोईंछा भरने पहुंचती हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में वॉलिंटियर्स की तैनाती की गई है। इसके अलावा जिला पुलिस की ओर से मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। तांत्रिक विधि से होती है माता की आराधना पुरानी दुर्गा स्थान मंदिर में चौधरी परिवार के सौजन्य से पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर में शुरू से ही तांत्रिक विधि से माता की आराधना किए जाने की परंपरा रही है। पूजा के दौरान शहर और क्षेत्र के कल्याण की कामना की जाती है। श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना माता अवश्य पूरी करती हैं। नवमी को होती है बलि की परंपरा मंदिर परिसर में अब भी बलि की परंपरा कायम है। मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु यहां पशु बलि चढ़ाते हैं। मंदिर के पीछे इसके लिए स्थान निर्धारित किया गया है, जहां नवमी के दिन बलि दी जाएगी। मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था के कारण न केवल स्थानीय बल्कि दूसरे प्रदेशों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
समस्तीपुर- अष्टमी पर पूजा पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:माता का खोईंछा भरने के लिए सुबह से जुटीं महिलाएं, पुरानी दुर्गा स्थान मंदिर में रही विशेष भीड़
