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लोहरदगा|बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के द्वारा आयोजित 13 दिवसीय निःशुल्क कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सह प्रमाण पत्र वितरण सेरेंगहातू तोराड़ में शनिवार को किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवक-युवतियों व किसानों को कृषि आधारित व्यवसाय की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना तथा आत्मनिर्भर बनाना है। इस दौरान एसकेवीके इंचार्ज सुनीता आइंद, बैंक ऑफ इंडिया के निशित मानी, जेएसएलपीएस डीएम विपिन चंद्र, आरसेटी निदेशक सुरेश भगत सहित अन्य उपस्थित रहे। वहीं प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि कृषि के क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों व उचित व्यवसाय प्रबंधन को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। प्रशिक्षुओं से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। वहीं बताया गया कि 13 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को कृषि उद्यम की स्थापना, कृषि संबंधी योजनाओं, व्यवसाय प्रबंधन, लागत और लाभ का आकलन, विपणन व स्वरोजगार की संभावनाओं से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। साथ ही कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। आरसेटी निदेशक ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। कृषि उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
कृषि उद्यमी प्रशिक्षण का समापन, प्रशिक्षुओं के बीच प्रमाण पत्र बांटे
