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दरभंगा शहर में इस बार बाजार समिति परिसर में बना दुर्गा पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। करीब 80 लाख रुपये की लागत से तैयार इस पंडाल को रामेश्वरम मंदिर का स्वरूप दिया गया है। पंडाल में गुफाओं, पहाड़ों, झरनों, तालाबों और मंदिर की आकर्षक कलाकृतियों के साथ रामसेतु का भी निर्माण किया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी और भक्ति गीतों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा है। पंडाल तैयार होते ही इसकी चर्चा दरभंगा समेत आसपास के जिलों में होने लगी है। दरभंगा-मुजफ्फरपुर एनएच-27 के किनारे स्थित इस पंडाल में माता रानी के दर्शन और रामेश्वरम मंदिर की थीम देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। स्थिति यह है कि पंडाल में प्रवेश के लिए करीब चार किलोमीटर लंबी कतार लग रही है। कई श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। दरभंगा के अलावा मधुबनी, मुजफ्फरपुर और आसपास के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। 1977 से हो रही मां दुर्गा की पूजा पूजा समिति के अध्यक्ष रंजीत महतो ने बताया कि बाजार समिति परिसर में वर्ष 1977 से लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। इस बार ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के उन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर रामेश्वरम मंदिर की थीम तैयार की गई है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से रामेश्वरम और रामसेतु तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे श्रद्धालु दरभंगा में ही इस धार्मिक स्थल की झलक देख सकें, इसी उद्देश्य से पंडाल का निर्माण कराया गया है। उन्होंने बताया कि पंडाल पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। उनके अनुसार, अब तक लगभग सात लाख श्रद्धालु पंडाल और रामेश्वरम मंदिर की थीम का दर्शन कर चुके हैं। पूजा के दौरान करीब 20 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान लगाना भी मुश्किल हो सकता है। 90 दिनों तक दिन-रात चला निर्माण कार्य पंडाल को भव्य स्वरूप देने के लिए करीब 90 दिनों तक लगातार निर्माण कार्य किया गया। आयोजकों के अनुसार, लगभग 75 मजदूरों ने दिन-रात मेहनत कर इसे तैयार किया है। मूर्तियों के निर्माण में कोलकाता, मुंबई और मुजफ्फरपुर के कलाकारों ने योगदान दिया, जबकि पंडाल के निर्माण में दरभंगा के स्थानीय टेंट कारीगरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरे परिसर को इस तरह सजाया गया है कि श्रद्धालुओं को मंदिर, प्राकृतिक दृश्य और रामसेतु का अनुभव एक ही जगह मिल सके। पंडाल की बनावट और रौशनी के कारण रात के समय इसका आकर्षण और बढ़ जाता है। सुरक्षा से लेकर पेयजल और चिकित्सा तक की व्यवस्था श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूजा समिति और प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। समिति के अनुसार, करीब 800 कार्यकर्ता वालंटियर के रूप में व्यवस्था संभाल रहे हैं। महिला, पुरुष और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी अलग-अलग स्तर पर प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा और भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और अग्निशमन की व्यवस्था भी की गई है।बाजार समिति परिसर में पुलिस की मौजूदगी के बीच श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन कर रहे हैं। समिति के संजय यादव ने बताया कि प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। स्थानीय लोगों का भी आयोजन को लेकर भरपूर समर्थन है। उनका कहना है कि समिति का प्रयास है कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मां दुर्गा की पूजा करने के साथ रामेश्वरम मंदिर की थीम का आनंद ले सकें। उन्होंने बताया कि कतार में इंतजार नहीं करना चाहने वाले श्रद्धालुओं के लिए 100 रुपये का वीआईपी पास भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से उन्हें शीघ्र दर्शन की सुविधा मिलती है। तीन घंटे इंतजार, फिर भी दर्शन की जिद पंडाल में दर्शन के लिए पहुंचीं काव्या मिश्रा, सलोनी कुमारी, प्रीति झा, अंजलि, रजनी और ममता देवी ने बताया कि वे करीब तीन घंटे से कतार में खड़ी हैं और अब तक पंडाल में प्रवेश नहीं कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग रामेश्वरम जाने के लिए लंबी यात्रा करते हैं और दर्शन के लिए कतार में खड़े रहते हैं, उसी तरह वे भी अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक है। चारों ओर रोशनी, पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की तैनाती तथा कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था से लोगों को सहूलियत मिल रही है। उनका कहना था कि इंतजार लंबा जरूर है, लेकिन माता रानी के दर्शन किए बिना वापस नहीं लौटेंगी। उनके लिए यह अनुभव अविस्मरणीय है। सोशल मीडिया पर देखकर मुजफ्फरपुर से पहुंचे 20 दोस्त मुजफ्फरपुर जिले से आए मनीष कुमार ने बताया कि वे अपने करीब 20 दोस्तों के साथ रामेश्वरम मंदिर की थीम वाला पंडाल देखने पहुंचे हैं। सोशल मीडिया पर पंडाल और रामसेतु की तस्वीरें देखने के बाद यहां आने की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि वे करीब दो घंटे से कतार में खड़े हैं। मनीष ने कहा कि पंडाल काफी आकर्षक है और रामसेतु का निर्माण देखने की उत्सुकता है। लंबी कतार के बावजूद उन्हें विश्वास है कि वे अंदर जाकर माता रानी का दर्शन करेंगे। इसके बाद सभी दोस्त मेला घूमेंगे और फिर मुजफ्फरपुर लौट जाएंगे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया। बाजार समिति परिसर में देर रात तक युवाओं और परिवारों की भीड़ बनी हुई है। भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालु, जगमगाता परिसर और रामेश्वरम मंदिर की थीम वाला भव्य पंडाल इस बार दरभंगा की दुर्गा पूजा का प्रमुख आकर्षण बन गया है।
दरभंगा- 80 लाख का रामेश्वरम मंदिर थीम वाला दुर्गापूजा पंडाल:3 घंटे तक दर्शन के लिए लाइन में खड़े रहे श्रद्धालु, 4 किलोमीटर तक लगी लाइन
