Suvendu Adhikari Meets Kolkata Stampede Victim Families: उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की शाम हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 श्रद्धालुओं के परिजनों तक राहत पहुंचाने का कार्य पश्चिम बंगाल सरकार ने तेज कर दिया है. मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की. 3 मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए के चेक सौंपे.
मुख्यमंत्री सबसे पहले पूर्व बर्धमान जिले के माधवदीघी में टोगोर भेज (37) और उनके 14 वर्षीय बेटे संदीप भेज के परिवार से मिले. इसके बाद वे हुगली जिले के आरामबाग पहुंचे. यहां उन्होंने टोगोर की रिश्तेदार और हादसे का शिकार हुई पियाली प्रमाणिक के परिजनों से मुलाकात की. उन्हें श्रद्धांजलि दी.

TMC सरकार की तरह हम सिर्फ बातें नहीं करते : शुभेंदु
आरामबाग और पूर्व बर्धमान में पीड़ित परिवारों को ढाढस बंधाते हुए और पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जतायी. पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की आलोचना भी.
आपके इस असीम दुख के आगे मैं नि:शब्द हूं. खोये हुए प्रियजनों को वापस लाने की शक्ति तो मेरे पास नहीं है, लेकिन सरकार आपके साथ मजबूती से खड़ी है. पूर्ववर्ती सरकार के उलट, हम केवल खोखले दावों में नहीं, धरातल पर काम करने में विश्वास रखते हैं. –शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
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तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सीएम ने उठाये सवाल
तृणमूल कांग्रेस के शासन पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ऐसे हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को जांच के आदेश तक के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ता था. उन्होंने पूछा- क्या आपने पहले कभी सुना है कि किसी सरकार ने इतनी संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ितों को 25 लाख रुपए का मुआवजा और नौकरी दी हो? मैं इसे अपनी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी मानता हूं.
SIT जांच पर सीएम ने दिया अपडेट
हादसे की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच के बारे में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2 अपडेट दिये. उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर इस मामले की जांच के लिए वर्तमान सेवारत न्यायाधीश (Serving High Court Judge) को नामित करने का अनुरोध किया है. हालांकि, हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया. चीफ जस्टिस रवींद्र वी घुगे ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि किसी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में ही जांच कमेटी बनायी जाये.
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कोलकाता पुलिस और नगर निगम जांच से बाहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि यह घटना कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकार क्षेत्र में हुई थी. इसलिए जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाये रखने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में कोलकाता पुलिस और नगर निगम के किसी भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया है.
सीएम ने किया था 25 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी का ऐलान
चोरबागान सर्वजनीन पंडाल में शनिवार शाम हुई इस त्रासदी में कुल 19 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी. 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को राज्य सरकार में ‘ग्रुप-डी’ की नौकरी देने का ऐलान किया था.
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