Friday, October 23, 2026
⚡

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

समस्तीपुर- केंद्रीय राज्यमंत्री ने मंच से वैज्ञानिकों को लगाई फटकार:'खेत बचाओ' कार्यक्रम के दौरान पूछा- पंचायतों में मिट्टी की जांच क्यों नहीं हो रही, जल्द काम शुरू कीजिए


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने गुरुवार को समस्तीपुर के कोठिया में आयोजित ‘खेत बचाओ’ कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों को मंच से ही फटकार लगाई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खेतों की मिट्टी की जांच जरूरी है, तो पंचायत और प्रखंड स्तर पर यह काम क्यों नहीं हो रहा है। मंत्री ने कहा, ‘बहुत कष्ट के साथ बोल रहे हैं। हम लोग तो परिवर्तन हैं, आज हैं, कल नहीं रहेंगे। आपको क्यों कष्ट नहीं हो रहा है? किसान दया और दुआ दोनों के लिए तैयार हैं।’ उन्होंने अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों को निर्देश देते हुए कहा कि एक महीने के भीतर सभी जगह मिट्टी जांच की व्यवस्था शुरू होनी चाहिए। सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है। उन पर बड़ी राशि खर्च की जा रही है, लेकिन योजनाओं का अपेक्षित लाभ जमीनी स्तर पर किसानों तक नहीं पहुंच रहा है। किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। प्राकृतिक खेती के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल केंद्रीय राज्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती के आंकड़ों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 26 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती होने की बात कही जा रही है, लेकिन वैज्ञानिकों को गांव और खेत में जाकर इसकी वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को अपने कार्यालय से बाहर निकलकर किसानों के खेतों तक पहुंचना होगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर काम जरूरी है। ‘मां-बाप ने पढ़ाने में खर्च किया, अच्छा काम नहीं करेंगे तो उन्हें तकलीफ होगी’ कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने एक कृषि वैज्ञानिक को मंच पर कुर्सी से उठाकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने पढ़ाने-लिखाने में खर्च किया होगा। यदि वे अच्छा काम नहीं करेंगे तो उनके माता-पिता को भी तकलीफ होगी। उसी तरह किसानों का काम नहीं होने पर उन्हें भी तकलीफ होती है। किसानों की समस्याओं को केवल बैठकों और भाषणों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। योजनाओं का लाभ खेत तक पहुंचे, इसके लिए वैज्ञानिकों और अधिकारियों को किसानों के बीच जाकर काम करना होगा। ‘शरीर और जमीन स्वस्थ होगी, तभी समाज स्वस्थ रहेगा’ ‘खेत बचाओ’ योजना के तहत देशभर में 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक अभियान चलाया जा रहा है। बिहार में इसकी शुरुआत पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की ओर से समस्तीपुर के कोठिया पंचायत सरकार भवन से की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शरीर स्वस्थ और जमीन स्वस्थ होगी, तभी समाज स्वस्थ रहेगा। उन्होंने रासायनिक खाद और बिना खाद वाली फसल के स्वाद में अंतर का उदाहरण देते हुए कहा कि इस अंतर को खत्म करने के लिए वैज्ञानिकों को काम करना चाहिए।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles