Monday, October 26, 2026
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दरभंगा- पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मना 'कोजागरा':मिथिला की संस्कृति का प्रतीक पर्व, नवविवाहित दूल्हे के घर उत्सवी माहौल; सांसद गोपालजी ठाकुर भी पहुंचे


दरभंगा जिले में मिथिलांचल की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक लोकजीवन का प्रतीक ‘कोजागरा’ पर्व रविवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। मिथिला के गांव-गांव में नवविवाहित वर के पहले कोजागरा को लेकर उत्सवी माहौल रहा। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पान, मखाना, बताशा और मिठाइयां बांटी गई। परिवार के लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से पहुंचे रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने भी पर्व की खुशियों में भागीदारी निभाई। जाले प्रखंड स्थित मुरैठा गांव में दूल्हा अतुल मिश्रा, केवटी प्रखंड के नयागांव में प्रभात कुमार झा, राकेश कुमार मिश्रा और अमन मिश्रा, दड़िमा में अश्वनी कर्ण, कन्हैया झा के घर कोजागरा की खास रौनक देखने को मिली। पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार आयोजन किया गया। लोगों के बीच पान, मखाना और बताशा बांटे गए। इस दौरान रिश्तेदारों और ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहा। कई जगहों पर पूरी तरह विवाह के जैसा आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जहां मिथिलांचल के प्रसिद्ध लोक गायक-गायिका ने अपना कला का प्रदर्शन किया। पर्व की 3 तस्वीरें… ‘को जागर्ति’ से जुड़ा है कोजागरा का नाम मिथिलांचल में कोजगरा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। विवाह के बाद दुल्हन पक्ष की ओर से दूल्हे के घर ‘भार’ भेजने की परंपरा है। इसमें पान, मखाना, लड्डू, बताशा, खाजा, गाजा, पिलुकीया, फल और अन्य मिठाइयां सहित कई तरह की सामग्री शामिल होती है। इस अवसर पर नवविवाहित वर का चुमाओन कर उसे सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया जाता है। कोजगरा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह आश्विन मास की शरद पूर्णिमा को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जागकर आराधना करने वालों पर कृपा बरसाती हैं। इसी मान्यता के कारण कई घरों में रात्रि जागरण और पूजा-अर्चना की जाती है। ‘कोजागरा’ शब्द को संस्कृत के ‘को जागर्ति?’ यानी ‘कौन जाग रहा है?’ से जोड़ा जाता है। मिथिला में यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पारिवारिक प्रेम, सामाजिक मेल-जोल और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अवसर भी है। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा के माध्यम से रिश्तों की मिठास और आपसी सौहार्द का संदेश दिया जाता है।

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