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सीतामढ़ी सदर अस्पताल में इलाज में कथित लापरवाही से एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। सांस लेने में गंभीर परेशानी के बाद परिजन उसे इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि तत्काल इलाज और ऑक्सीजन देने के बजाय उन्हें ओपीडी की पर्ची कटवाकर लाइन में लगने को कहा गया। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में करीब तीन घंटे तक हंगामा किया। सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया। इमरजेंसी से ओपीडी भेजने का आरोप मृतका की पहचान अकलू साह की पत्नी राम सुमन देवी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, वे सोमवार शाम करीब 7:30 बजे सांस की गंभीर समस्या होने पर महिला को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि महिला की हालत बेहद नाजुक थी और उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने ओपीडी नंबर 205 की पर्ची कटवाने और लाइन में लगने को कहा। पर्ची काउंटर और सीढ़ी के पास भीड़ के बीच महिला सांस लेने के लिए तड़पती रही। परिजनों के मुताबिक, इस दौरान उसे समय पर ऑक्सीजन और जरूरी उपचार नहीं मिला। बाद में महिला की मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल में तीन घंटे हंगामा महिला की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए। इमरजेंसी वार्ड में चीख-पुकार के बीच हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। हंगामे की सूचना पर प्रभारी डीएस डॉ. जेड. जावेद भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए अस्पताल प्रबंधन को लिखित आवेदन सौंपा है। जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन प्रभारी डीएस डॉ. जेड. जावेद ने बताया कि मरीज की स्थिति बेहद गंभीर थी। उन्होंने मामले की जांच कराने और इमरजेंसी से ओपीडी भेजने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल, मामले में इलाज में लापरवाही के आरोपों की जांच की बात कही गई है।
सीतामढ़ी सदर अस्पताल में महिला की मौत:परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप; इमरजेंसी से ओपीडी भेजने की बात, 3 घंटे हंगामा
