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लोहरदगा|एमएलए महिला कॉलेज में एचआईवी और यौन संचारित रोगों से बचाव को लेकर प्रिंसिपल स्नेह कुमार की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सदर अस्पताल की आईसीटीसी काउंसलर डॉ. अर्चना प्रसाद मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस जागरूकता अभियान का मकसद युवाओं को एचआईवी से जुड़ी सही जानकारी देना है। इसका उद्देश्य संक्रमितों के प्रति भेदभाव खत्म करना भी है। एचआईवी संक्रमण से बचाव का सबसे कारगर हथियार जागरूकता, समय पर जांच, सही इलाज है। उन्होंने कहा कि एचआईवी-एड्स को लेकर भ्रांतियों और संकोच को दूर करना होगा। असुरक्षित यौन संबंध संक्रमण की सबसे बड़ी वजह है। एड्स से दुनिया के लगभग 3.84 करोड़ लोग प्रभावित हैं। एचआईवी शरीर की संक्रमणों से लड़ने की क्षमता को बाधित करता है। इससे कुछ कैंसर और अन्य बीमारियों के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि दुनिया में हर साल आठ लाख से अधिक लोग इसके कारण जान गंवा रहे हैं। पंद्रह लाख से अधिक लोग हर साल संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि झारखंड में एचआईवी प्रसार दर राष्ट्रीय औसत से कम है। संक्रमण की संभावनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए नई पीढ़ी को जागरूक और जिम्मेदार होना होगा। शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के बीच विशेष संवाद सत्र इसीलिए आयोजित किए जा रहे हैं। बताया गया कि एचआईवी संक्रमण की आइसीटीसी और एसटीआई केंद्रों पर मुफ्त जांच व उपचार उपलब्ध है। कार्यक्रम में कालेज के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्राएं उपस्थित थीं।
एचआईवी और यौन संचारित रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम िकया गया
