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पूर्णिया में गुरुवार को बिहार ग्रामीण बैंक की रानीपतरा शाखा ने बकाया ऋण वसूली के लिए एक विशेष गिरफ्तारी अभियान चलाया। इस दौरान मुफस्सिल थाना पुलिस के साथ मिलकर बैंक अधिकारियों ने पूर्व से जारी गिरफ्तारी वारंट वाले ऋणियों के खिलाफ सघन छापेमारी की। यह अभियान दीवानगंज, नागदेही और घोरघट गांवों में एक साथ चलाया गया। डीओसीसी इंचार्ज कुणाल कुमार के नेतृत्व में कई वारंटी ऋणियों को गिरफ्तार किया गया। कुछ ऋणियों को मौके पर ही बकाया राशि जमा करने या भुगतान की प्रतिबद्धता जताने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय देकर छोड़ दिया गया। बैंक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में नीलाम पत्र न्यायालय ने बैंक के लंबित ऋण मामलों में बड़ी संख्या में गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जब्ती आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों को लागू करने के लिए जिले के विभिन्न थानों में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऋण अनुशासन को मजबूत करना, बकाया वसूली में तेजी लाना और बैंकिंग प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। बैंक पहले ऋणियों को नोटिस, समझौता और किस्त पुनर्निर्धारण जैसे कई अवसर देता है, लेकिन लगातार अनदेखी होने पर ही कानूनी कार्रवाई की जाती है। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात रंजन ने सभी ऋणियों से अपील की है कि वे समय पर अपनी किस्तों का भुगतान करें। उन्होंने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बैंक से संपर्क कर आपसी समाधान का रास्ता अपनाने का आग्रह किया। पुलिस प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि न्यायालय द्वारा जारी वारंटों को लागू करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
बिहार ग्रामीण बैंक ने वारंटी ऋणियों के खिलाफ अभियान चलाया:पूर्णिया में बकाया ऋण वसूली के लिए कई डिफॉल्टर गिरफ्तार
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