पटना14 मिनट पहले
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पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) में मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत बिहार के 10 बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया है।
26 और 27 फरवरी को हुए इन ऑपरेशनों में अत्याधुनिक डिवाइस क्लोजर तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे बच्चों को नया जीवन मिला।
ये सभी ऑपरेशन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत पूरी तरह निःशुल्क किए गए।

मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत बिहार के 10 बच्चों का सफल ऑपरेशन किया
बड़ा चीरा लगाने की नहीं पड़ती जरूरत
अत्याधुनिक डिवाइस क्लोजर तकनीक के जरिए ऑपरेशनों में छाती खोलने या बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। कैथ लैब के माध्यम से नसों के जरिए हृदय तक पहुंचकर एक विशेष डिवाइस लगाया गया, जिसने हृदय में मौजूद छेद को सफलतापूर्वक बंद कर दिया। इस तकनीक से दर्द कम होता है, संक्रमण का खतरा घटता है और मरीज की रिकवरी तेजी से होती है।
ऑपरेशन टीम में नई दिल्ली के विशेषज्ञ भी रहे शामिल
संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि हासिल की गई। ऑपरेशन टीम में नई दिल्ली के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज अवस्थी और आईजीआईसी की डॉ. पूजा कुमारी शामिल थीं। विशेषज्ञों की इस टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से इन जटिल मामलों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
अब तक बिहार में 462 बच्चों का हुआ ऑपरेशन
आरबीएसके के नोडल ऑफिसर डॉ. बीरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि, मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत अब तक बिहार में 462 बच्चों का इसी आधुनिक तकनीक से सफल और निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इस सरकारी पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने बच्चों के लिए बेहतर और समय पर उपचार मिल रहा है, जो पहले संभव नहीं था।
चिकित्सकों के अनुसार, जन्मजात हृदय रोग बच्चों में एक सामान्य समस्या है। समय पर पहचान और उपचार न मिलने पर यह गंभीर हो सकती है। राज्य सरकार की यह योजना ऐसे बच्चों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।





