नेपाली संसदीय चुनाव के लिए भारत-नेपाल सीमा सील:सुपौल के भीमनगर-कुनौली बाजार में पसरा सन्नाटा, सीमावर्ती क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा

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नेपाल में 5 मार्च 2026 को प्रस्तावित संसदीय चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा को 72 घंटे के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह एहतियाती कदम उठाया है। इसका व्यापक असर सीमावर्ती क्षेत्रों के जनजीवन और व्यापार पर दिख रहा है। विशेषकर सुपौल जिले के भीमनगर और कुनौली बॉर्डर सहित आसपास के इलाकों में गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं। भीमनगर और कुनौली चेकपोस्ट पर आवागमन बंद होने से दोनों देशों के कई नागरिक फंस गए हैं। यात्रियों ने शिकायत की है कि उन्हें सीमा सील होने की पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं मिली थी। उनका कहना है कि यदि जानकारी पहले होती तो वे समय रहते अपनी यात्रा पूरी कर लेते। ग्राहकों की कमी के कारण व्यापारी निराश अचानक सीमा बंद होने से लोगों को इलाज, जरूरी काम और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए एक-दूसरे देश में जाने में भारी परेशानी हो रही है। सीमा बंदी का सबसे अधिक प्रभाव भीमनगर बाजार पर पड़ा है। सामान्य दिनों में जहां नेपाली और भारतीय ग्राहकों की भीड़ से बाजार गुलजार रहता था, वहीं अब वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानें खुली होने के बावजूद ग्राहकों की कमी के कारण व्यापारी निराश हैं। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, उनका व्यवसाय सीमा पार से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर करता है, और सीमा बंद होने से बिक्री लगभग शून्य हो गई है। व्यापारियों ने बताया कि होली जैसे बड़े पर्व के ठीक पहले यह स्थिति उनके लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है। त्योहार के मद्देनज़र उन्होंने कपड़े, रंग-गुलाल, मिठाई और अन्य सामान का पर्याप्त स्टॉक मंगाया था, लेकिन ग्राहकों की अनुपस्थिति में बिक्री ठप हो गई है। उनका कहना है कि अगर सीमा लंबे समय तक बंद रही तो उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ सकता है। चुनाव खत्म होने के बाद खुलेगा सीमा इस संबंध में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 45वीं बटालियन के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि नेपाल में संसदीय चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सुरक्षा के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा को 72 घंटे के लिए पूरी तरह सील रखा जाएगा। एंबुलेंस को दी जा रही अनुमति इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं, जैसे कोसी परियोजना से जुड़े अधिकृत अधिकारी और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को ही आवागमन की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और अनावश्यक रूप से सीमा क्षेत्र की ओर न जाएं। चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद स्थिति की समीक्षा कर सीमा को पुनः सामान्य रूप से खोल दिया जाएगा। फिलहाल सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।

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