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संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल रिजल्ट में बिहारियों ने फिर परचम लहराया है। न केवल सफलता के झंडे गाड़े हैं, बल्कि टॉप रैंक्स पर कब्जा जमाकर अपनी मेधा का परिचय दिया है। मुजफ्फरपुर के राघव ने चौथी, बिदुपुर के उज्ज्वल आैर सारण के यशस्वी ने 11वीं रैंक लाकर राज्य को गौरवान्वित किया है। भोजपुर जिला निवासी आकांक्षा सिंह को 301वीं रैंक मिली है। वह रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं। आकांक्षा का घर अगिआंव प्रखंड के खोपिरा गांव में है। आरा के किया मोहल्ला में भी घर है। पिता इंदुभूषण सिंह किसान और मां रिंकू सिंह गृहिणी हैं। आकांक्षा ने बताया, यूपीएससी परीक्षा में दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। इंडियन रेवेन्यू सर्विस के लिए मेरा चयन हुआ है। दादाजी का सपना साकार करने के लिए 8-10 घंटा प्रतिदिन पढ़ाई की। मैंने आरा के कैथोलिक मिशन स्कूल से वर्ष 2017 में मैट्रिक और वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के हर प्रसाद दास जैन कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स किया। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली चली गई। पिछले 15 वर्षों में बिहार का प्रदर्शन
वर्ष सफल 2025 18+ 2024 50+ 2023 60+ 2022 55+ 2021 50+ 2020 45+ 2019 28+ 2018 25+ 2017 30+ 2016 40+ 2015 35+ 2014 42+ 2013 38+ 2012 45+ 2011 40+ 2010 35+ यूपीएससी में बिहार की भागीदारी बढ़ रही आकांक्षा सिंह इशित्व आनंद आकाश कुमार पटना जिले के पंडारक प्रखंड स्थित ढीबर गांव के इशित्व आनंद ने बिना कोचिंग 50वां स्थान प्राप्त कर आईएएस बने हैं। उन्होंने 10वीं की पढ़ाई मसूरी से पूरी की, जिसके बाद इंटर करने दिल्ली चले गए। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए घर पर ही रहकर सेल्फ स्टडी की। अपने पहले प्रयास में उन्होंने पीटी तो पास कर ली थी, लेकिन मेंस नहीं निकाल पाए थे। दूसरे प्रयास में 50वीं रैंक हासिल की। उनके पिता राजेश कुमार इंजीनियर थे, लेकिन अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा करने के लिए नौकरी छोड़ दी। उनकी माता अनमोल कुमारी रेलवे सुरक्षा बल में एएसआई हैं। उनकी दादी रेखा सिन्हा रिटायर्ड शिक्षिका हैं, जबकि दादा आनंदी प्रसाद सिंह पोस्टमास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। फुलवारी प्रखंड के कुरथौल निवासी किसान चंद्रशेखर सिंह और प्रभा देवी के पुत्र आकाश कुमार ने 101वीं रैंक प्राप्त की है। आकाश की यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। वर्ष 2023 में इंडियन फॉरेस्ट सर्विस और वर्ष 2024 में आईपीएस के लिए चयनित हुए थे। भाई-बहनों में सबसे छोटे आकाश कुमार ने वर्ष 2011 में डीएवी स्कूल धनबाद से मैट्रिक, 2013 में कोटा से इंटरमीडिएट और बेंगलुरु से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दिल्ली से एमबीए किया। दुबई में करीब 70 लाख के वार्षिक पैकेज की नौकरी भी मिली, जहां उन्होंने लगभग छह महीने काम किया। आकाश बताते हैं-दुबई में काम करते हुए उनका मन नहीं लगा, जिसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर सेल्फ स्टडी के जरिए यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
पंडारक के इशित्व आनंद बिना कोचिंग घर में ही पढ़ कर आईएएस अफसर बने
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