एससी-एसटी अत्याचार मामलों में स्पीडी ट्रायल पर जोर:प्रत्येक माह कम से कम पांच मामलों का निष्पादन कराएंगे विशेष लोक अभियोजक

Date:


एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के त्वरित निष्पादन और सजा की दर बढ़ाने के लिए विधि विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में विधि विभाग की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई थी। जिसमें राज्य के सभी जिलों के विशेष लोक अभियोजकों के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में लंबित मामलों के जल्द निष्पादन, गवाहों की अनुपस्थिति और सुनवाई में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए कई अहम निर्देश दिए गए। विधि विभाग ने निर्देश दिया है कि एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हत्या, बलात्कार और आगजनी जैसे गंभीर मामलों की अलग सूची तैयार की जाए। इन मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित न्यायालय से लिखित अनुरोध करने को कहा गया है, ताकि स्पीडी ट्रायल के माध्यम से जल्द फैसला हो सके। साथ ही स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित मामलों की सूची जिलाधिकारी, एसएसपी या एसपी के माध्यम से जिला स्तरीय विधि प्रबंधन समिति (डीएलएमसी) की बैठक में रखने का भी निर्देश दिया गया है। इससे इन मामलों की नियमित निगरानी और शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित की जा सकेगी। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी विशेष लोक अभियोजक प्रत्येक माह कम से कम पांच मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें। साथ ही अपने कार्यों की मासिक रिपोर्ट अगले माह के पहले सप्ताह तक जिला अभियोजन कार्यालय और अभियोजन निदेशालय को ई-मेल के माध्यम से भेजना अनिवार्य होगा। समीक्षा के दौरान कई अभियोजकों ने यह समस्या भी उठाई कि कई बार बार-बार सूचना देने के बावजूद अनुसंधानकर्ता और डॉक्टर न्यायालय में समय पर साक्ष्य देने के लिए उपस्थित नहीं होते हैं। हर जिले में बनेगी विशेष कार्य योजना, गंभीर मामलों की अलग सूची
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि ट्रायल के अंतिम चरण में लंबित मामलों जिसमें बयान, सफाई, साक्ष्य, बहस और निर्णय की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए 60 दिनों के भीतर निष्पादन का प्रयास किया जाए। विधि विभाग का मानना है कि यदि अंतिम चरण में लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए तो बड़ी संख्या में मामलों का शीघ्र निपटारा संभव है। विधि विभाग ने सभी विशेष लोक अभियोजकों को अपने-अपने जिलों में कम से कम 100 महत्वपूर्ण मामलों की पहचान करने का निर्देश दिया है। इन मामलों के लिए मासिक और त्रैमासिक विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी। इन मामलों की सूची विधि विभाग, अभियोजन निदेशालय और अपराध अनुसंधान विभाग को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

4014 complaints await justice, who will hear the call… State Women’s Commission has been without a chairperson or members for 6 years

Hindi NewsLocalJharkhandRanchi4014 Complaints Await Justice, Who Will Hear The...

Trump says US does not need UK’s aircraft carriers for Iran war | Military News

United States President Donald Trump has posted on social...
Join Us WhatsApp