Friday, May 1, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

Samastipur UPSC Rank 102 Abhishek Quits Job, Returns Home

UPSC सिविल सर्विस-2025 परीक्षा में समस्तीपुर के अभिषेक चौहान ने ऑल इंडिया 102वीं रैंक हासिल किया है। शनिवार रात अपने परिवार के साथ मोहिउद्ददीननगर के राजाजान गांव स्थित पैत्रृक घर पहुंचे। ग्रामीणों ने बैंड-बाजे के साथ जोरदार स्वागत किया। आतिशबाजी कर ज

.

गांव में प्रवेश करते ही अभिषेक ने अपने चचेरे भाइयों के साथ ब्रह्मस्थान पर माथा टेका। घर पहुंचने पर चाची ने आरती उतारी। माला पहनाकर पूरे परिवार का स्वागत किया। इस दौरान पूरे गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। गांव के लोगों ने अभिषेक, उनके पिता अभय कुमार सिंह और मां अनुराधा राजपूत को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया।

घर पहुंचने पर चाची ने तिलक लगाकर उतारी आरती।

घर पहुंचने पर चाची ने तिलक लगाकर उतारी आरती।

अब अभिषेक के बारे में जानिए

अभिषेक चौहान का जन्म 18 नवंबर 1999 को हुआ था। प्रारंभिक पढ़ाई हाजीपुर में अक्षरा स्कूल से हुई थी। 10+2 की पढ़ाई आरके मिशन से पूरा करने के बाद आईआईटी धनबाद में एडमिशन लिया। एमटेक में गोल्ड मेडलिस्ट बने।

पढ़ाई के दौरान ‎ही अभिषेक चौहान का कैंपस सेलेक्शन एक‎ प्रतिष्ठित कंपनी में हुआ था, जहां‎ उन्होंने करीब छह महीने तक काम ‎किया। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर ‎सेल्फ स्टडी के जरिए सिविल सेवा‎ परीक्षा की तैयारी शुरू की। 2025 में फर्स्ट अटेम्प्ट में ही संघ लोक सेवा आयोग की पीटी और मेंस परीक्षा पास कर 2026 में इंटरव्यू में भी शानदार प्रदर्शन किया।

परिवार के सदस्यों के साथ अभिषेक।

परिवार के सदस्यों के साथ अभिषेक।

पिता ‎नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार हैं

अभिषेक पूर्व मुखिया ‎स्व. गया प्रसाद सिंह के पोते हैं। अभिषेक के पिता प्रो. अभय कुमार सिंह ‎नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ‎‎(कुलसचिव) हैं, जबकि उनकी माता अनुराधा राजपूत हाउस वाइफ हैं।

अभिषेक राजाजान पंचायत‎ के पैक्स अध्यक्ष अजय कुमार सिंह के‎ भतीजे और दलसिंहसराय कोर्ट के सीनियर वकील नवल किशोर सिंह ‎के नाती हैं।

गांव में जश्न का माहौल।

गांव में जश्न का माहौल।

कोई भी मुकाम हासिल ‎किया जा सकता है

अभिषेक ने‎ अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता,‎ गुरुजनों के साथ-साथ अपने नाना ‎सीनियर वकील नवल किशोर सिंह‎ और नानी सुशीला सिंह को दिया। ‎उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा ‎कि लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर प्रयास ‎किया जाए तो कोई भी मुकाम हासिल ‎किया जा सकता है। मंजिल के लिए प्रण कर लें और उसके लिए एकाग्रचित होकर तैयारी करने पर सफलता जरूर मिलती है।

अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।

अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।

बहुत बड़ी खुशी मिली है

अभिषेक चौहान के पिता डॉ. अभय कुमार सिंह ने कहा कि एक माता-पिता के लिए इससे अच्छी खबर नहीं हो सकता है। IIT पूरा करने के बाद अच्छे पैकेज पर नौकरी मिली थी। एक दिन अचानक अभिषेक का फोन आया, उसने बताया कि वापस घर लौट रहा हूं। मन में थोड़ी बेचैनी हुई, लेकिन उसकी पढ़ाई के लिए अलग से कमरे की व्यवस्था कि, ताकि उसे कोई दिक्कत न हो। परिवार के सभी लोगों का उसे आशीर्वाद मिला।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles