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जहानाबाद में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ जागरूकता अभियान का समापन हो गया। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चलाए गए इस 100 दिवसीय गहन अभियान के तहत रथ ने जिले के गांवों और कस्बों में घूमकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया। अभियान के दौरान ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने लगभग 30 दिनों में 2085 किलोमीटर की यात्रा की। इस दौरान रथ 56 गांवों तक पहुंचा और लगभग 2,36,000 लोगों को बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ा गया। 130 धर्मगुरुओं को भी इस अभियान में शामिल किया गया इसके अतिरिक्त, जिले के 28 विद्यालयों में 10,800 बच्चों और शिक्षकों को जागरूक किया गया। 32 धार्मिक स्थलों पर जाकर 130 धर्मगुरुओं को भी इस अभियान में शामिल किया गया। यह अभियान बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कार्यरत संस्था तटवासी समाज न्यास द्वारा चलाया गया था। यह संस्था 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ का सहयोगी संगठन है। जिले में इस रथ को सांसद डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव और उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। समाज से कुप्रथा को समाप्त करने की अपील की गई अभियान के दौरान लोगों को बाल विवाह के सामाजिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें इसके कानूनी पहलुओं से भी अवगत कराया गया। साथ ही, लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई और समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने की अपील की गई। इस अवसर पर तटवासी समाज न्यास के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा, “बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। यह बच्चियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को प्रभावित करता है, उन्हें कुपोषण, अशिक्षा और गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है।”
जहानाबाद में बाल विवाह मुक्ति रथ अभियान समाप्त:100 दिवसीय जागरूकता रथ ने हजारों लोगों को दिलाई शपथ
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