मरम्मत व स्ट्रक्चरल मेंटेनेंस की अनदेखी; रिम्स की जर्जर पुरानी बिल्डिंग बन रही खतरा, टूट कर गिर रहे प्लास्टर

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तस्वीर राज्य का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान रिम्स इन दिनों अपनी जर्जर पुरानी बिल्डिंग के कारण गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। वर्षों से मरम्मत और स्ट्रक्चरल मेंटेनेंस की अनदेखी के कारण भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लगभग हर महीने कहीं न कहीं से छज्जा, प्लास्टर या सीढ़ियों का हिस्सा टूटकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इधर, करीब तीन माह पहले स्वास्थ्य विभाग ने पुराने भवन की मरम्मत और नए निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए की मंजूरी भी दे दी थी, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में भवन की जर्जर हालत लोगों की चिंता का कारण बनी हुई है। निदेशक ने मंत्री और सचिव को भेजा था पत्र रिम्स निदेशक ने भी भवन की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। जुलाई 2025 में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर बताया था कि पुरानी आईपीडी बिल्डिंग की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है और कभी भी किसी हिस्से की दीवार, छत, छज्जा या पिलर टूटकर गिर सकता है। दरारें, जंग और टूटते हिस्सों से कमजोर हुई संरचना रिम्स की पुरानी आईपीडी बिल्डिंग लगभग 60 से 70 साल पुरानी है। कई वर्षों से मरम्मत के इंतजार में लगातार कमजोर होती चली गई है। भवन की दीवारों में लंबी-लंबी दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि कई जगहों पर छज्जे टूटकर गिर रहे हैं। भवन के ढांचे में इस्तेमाल किए गए लोहे में जंग लग चुकी है और सीढ़ियों के कई हिस्से भी अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं। अस्पताल कर्मियों के अनुसार, लगभग हर महीने प्लास्टर झड़ने, छज्जा गिरने या सीढ़ियों में दरार आने की घटनाएं होती रहती हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। मरम्मत के लिए 50 करोड़ की मंजूरी : लंबे इंतजार के बाद स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन माह पहले रिम्स के पुराने भवन की मरम्मत और सुधार कार्य के लिए 50 करोड़ की मंजूरी दी है। यह राशि चालू वित्तीय वर्ष में ही खर्च की जानी है, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब अंतिम महीना ही बचा है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी झारखंड भवन निर्माण निगम को सौंपी गई है। रिम्स की पुरानी आईपीडी बिल्डिंग में फर्श पर लगी टाइल्स उखड़ रही है। पुरानी रांची की सड़क बनी तालाब, जनजीवन अस्त-व्यस्त
सीढ़ियों की रेलिंग जर्जर, दीवार की हालत भी खास्ता हाल। 50 करोड़ की मंजूरी के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं, मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर संकट बोरिंग हुई खराब, पानी के लिए तरस रहे लोग
बर्दवान कंपाउंड में रोड पर कचरे का अंबार, स्थानीय लोग परेशान धुर्वा आदर्शनगर में चापाकल खराब
कर्बला टैंक रोड पर नाले का स्लैब हटाकर छोड़ा आप भी बन सकते हैं रीडर्स रिपोर्टर सड़क पर दौड़ रही ओवरलोड पिकअप वैन, दुर्घटना का डर भवन के ढांचे में इस्तेमाल किए गए लोहे में लग चुका है जंग बदले ये
रांची | पुरानी रांची इलाके की पूरी सड़क इन दिनों जल जमाव की चपेट में है। सड़क पर हर तरफ भरे पानी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गुजरना भी जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से नाली का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतें हो रही हैं। लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है, ताकि राहत मिल सके।
ऐसी ही अव्यवस्थाओं से जुड़े सवाल 9431363003 पर वॉट्सएप करें।
रांची| पुरानी रांची इलाके में सांसद निधि से कराई गई बोरिंग इन दिनों खराब पड़ी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बोरिंग से लंबे समय से पानी नहीं आ रहा है। बोरिंग बंद रहने से लोग दूर-दराज से पानी लाने को विवश हैं।
रांची | बर्दवान कंपाउंड में सड़क पर लंबे समय से कचरा जमा रहने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कचरे से न सिर्फ आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि आसपास का माहौल भी दूषित हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार नियमित रूप से कचरा उठाव नहीं होने के कारण घरेलू कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सड़क पर ही जमा होता जा रहा है। कचरे से बदबू फैल रही है और मच्छरों व मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। रांची|धुर्वा स्थित आदर्शनगर इलाके में चापाकल खराब होने से स्थानीय लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से चापाकल खराब पड़ा है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। लोगों ने चापाकल की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। धुर्वा से शुभम की रिपोर्ट रांची| कर्बला टैंक रोड स्थित संत जॉन स्कूल के पास नाले से स्लैब हटाकर पिछले तीन महीनों से छोड़ दिया गया है। इस कारण सड़क का निर्माण अधूरा है और लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने रांची नगर निगम से मांग की है कि जल्द नाले को ढककर सड़क को दुरुस्त कराया जाए। -कर्बला टैंक रोड से विक्की की रिपोर्ट
रीडर्स रिपोर्टर कॉलम के जरिए आप भी अपने आसपास की समस्याओं को आवाज दे सकते हैं। जुड़ने के लिए 9431363003 पर वॉट्सएप करें । रांची| राजधानी में इन दिनों यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी देखने को मिल रही है। इस बडग़ाईं के पास व्यस्त सड़क पर पिकअप वैन में क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को ढोया जा रहा है। स्थिति यह है कि वैन के अंदर ही नहीं, बल्कि ऊपर की छत पर भी लोगों को बैठाकर ले जाया जा रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह और शाम के समय पिकअप वैन में मजदूरों, महिलाओं और बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जाता है। तेज रफ्तार, अचानक ब्रेक और खराब सड़कों के कारण संतुलन बिगड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके बावजूद चालक बेखौफ होकर वाहन चला रहे हैं। बडग़ाईं से मुन्ना की रिपोर्ट…

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