Friday, May 1, 2026

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IGIMS Patna First AI Robotics Surgery

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) पटना ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इसके साथ ही बिहार में आधुनिक रोबोटिक सर्ज

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मंगलवार को IGIMS में डॉक्टरों ने AI रोबोट की मदद से दो जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। इनमें शिवहर की रहने वाली 26 वर्षीय महिला की गॉल स्टोन (पित्त की पथरी) की सर्जरी की गई, वहीं 55 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का हर्निया ऑपरेशन भी रोबोटिक तकनीक से किया गया।

IGIMS में डॉक्टरों ने AI रोबोट की मदद से दो जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।

IGIMS में डॉक्टरों ने AI रोबोट की मदद से दो जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।

एक ही दिन में दो रोबोटिक सर्जरी

इस उपलब्धि के साथ ही IGIMS ने चिकित्सा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। अस्पताल में एक ही दिन में दो जटिल बीमारियों की रोबोटिक सर्जरी का रिकॉर्ड बना है, जिसे राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

इस पूरी प्रक्रिया में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं लिवर ट्रांसप्लांट विभाग का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। ऑपरेशन को सफल बनाने में 6 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने अहम भूमिका निभाई।

रोबोटिक सर्जरी से सफल ऑपरेशन के बाद IGIMS के डॉक्टरों की टीम।

रोबोटिक सर्जरी से सफल ऑपरेशन के बाद IGIMS के डॉक्टरों की टीम।

बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण- डॉ. मनीष मंडल

IGIMS के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि, ‘यह संस्थान और पूरे बिहार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। पहली बार यहां रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई है, जिससे इलाज की एक नई और आधुनिक पद्धति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।’

डॉक्टरों ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकें उपचार को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी बनाती हैं, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिलते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से पेट, किडनी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर और जटिल बीमारियों का अधिक सटीक इलाज संभव है। खासकर कैंसर के मरीजों के लिए यह तकनीक काफी लाभकारी साबित हो सकती है।

रोबोटिक ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को ऑपरेट करने वाले चिकित्सक।

रोबोटिक ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को ऑपरेट करने वाले चिकित्सक।

कम चीरा, कम खून और जल्दी रिकवरी

रोबोटिक सर्जरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मरीज के शरीर में बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है। इससे खून कम निकलता है, दर्द कम होता है और मरीज तेजी से स्वस्थ हो सकता है।

इसके साथ ही रोबोटिक तकनीक के कारण सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को अधिक स्पष्टता मिलती है, जिससे इलाज अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता हैं।

सर्जरी के दौरान गलती की संभावना बेहद कम

मनीष मंडल ने बताया कि AI रोबोटिक सर्जरी के उपयोग से ऑपरेशन के दौरान मानवीय गलतियों की संभावना काफी कम हो जाती है। इस तकनीक से बिना रुकावट के अधिक एक्यूरेसी के साथ ऑपरेशन संभव होता है और मरीज जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकता है।

IGIMS पटना में इस अत्याधुनिक तकनीक की शुरुआत को बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

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