अररिया के पलासी प्रखंड को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर चहटपुर पंचायत में एक पुल का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बरसात के मौसम में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में यहां एक पुराने कल्वर्ट को तोड़कर नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि, ठेकेदार के अदालत जाने के बाद निर्माण कार्य रुक गया और तब से यह पुल अधूरा पड़ा है। वर्तमान में पुल के बगल में एक अस्थायी डायवर्सन बनाया गया है, जिससे लोग किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन, बरसात के दिनों में डायवर्सन पर पानी भर जाने से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे पलासी प्रखंड के कई गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाता है। इस मार्ग के बाधित होने से अररिया के पंचकोरी चौक की 16 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। स्कूली बच्चों, बीमार व्यक्तियों और दैनिक जरूरतों का सामान ले जाने वाले किसानों-मजदूरों को इससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “बरसात में तो यहां से गुजरना नामुमकिन हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना और बाजार जाना मुश्किल पड़ जाता है। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।” इस अधूरे पुल के कारण क्षेत्र के समग्र विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे पलासी प्रखंड की कृषि और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग कर रहे हैं कि ठेकेदार के अदालत मामले का त्वरित समाधान निकालकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है।
'बरसात में पानी भरने से मुख्यालय से संपर्क टूट जाता':अररिया में पुल निर्माण अधूरा, स्कूली बच्चों; बीमार और किसानों को होती परेशानी
अररिया के पलासी प्रखंड को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर चहटपुर पंचायत में एक पुल का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बरसात के मौसम में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में यहां एक पुराने कल्वर्ट को तोड़कर नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि, ठेकेदार के अदालत जाने के बाद निर्माण कार्य रुक गया और तब से यह पुल अधूरा पड़ा है। वर्तमान में पुल के बगल में एक अस्थायी डायवर्सन बनाया गया है, जिससे लोग किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन, बरसात के दिनों में डायवर्सन पर पानी भर जाने से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे पलासी प्रखंड के कई गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाता है। इस मार्ग के बाधित होने से अररिया के पंचकोरी चौक की 16 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। स्कूली बच्चों, बीमार व्यक्तियों और दैनिक जरूरतों का सामान ले जाने वाले किसानों-मजदूरों को इससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “बरसात में तो यहां से गुजरना नामुमकिन हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना और बाजार जाना मुश्किल पड़ जाता है। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।” इस अधूरे पुल के कारण क्षेत्र के समग्र विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे पलासी प्रखंड की कृषि और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग कर रहे हैं कि ठेकेदार के अदालत मामले का त्वरित समाधान निकालकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है।
