रांची6 मिनट पहले
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झारखंड हाईकोर्ट ने ईडी बनाम राज्य पुलिस विवाद में बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। यह फैसला जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुरक्षित रखे गए आदेश के तहत सुनाया।
अपने फैसले में अदालत ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उससे जुड़े पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है।
कोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार और रांची पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ईडी ने अपने अधिकारियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया।

रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी ऑफिस में पुलिस जांच करने पहुंची थी।
पूछताछ के दौरान मारपीट का लगाया गया था आरोप
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मचारी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
संतोष कुमार ने आरोप लगाया था कि 12 जनवरी को रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उसने यह भी कहा था कि पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। इसी शिकायत के आधार पर रांची के एयरपोर्ट थाना में ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ईडी कार्यालय भी पहुंची और जांच के नाम पर कार्रवाई की, जिससे केंद्रीय एजेंसी और राज्य पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।

जांच के दौरान सुरक्षात्मक दृष्टि से केंद्रीय पुलिस के जवानों को बुलाया गया था।
ईडी ने पुलिस कार्रवाई को बताया दुर्भावनापूर्ण
ईडी ने रांची पुलिस की कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। एजेंसी का कहना था कि राज्य पुलिस की कार्रवाई से केंद्रीय जांच एजेंसी के कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप हो रहा है। इससे पहले 16 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रांची पुलिस की जांच पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
उस समय अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी केंद्रीय एजेंसी के काम में इस तरह हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।
अदालत ने ईडी कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीआईएसएफ, बीएसएफ या अन्य अर्धसैनिक बलों को सुरक्षा की जिम्मेदारी देने का निर्देश भी दिया था। साथ ही परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया था।

15 जनवरी को जांच के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट किया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विस्तृत दलीलें रखीं। ईडी की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एसवी राजू, अधिवक्ता एके दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।
वहीं राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एस नागामुथु, महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता दीपांकर ने अदालत में अपनी दलीलें पेश कीं। शिकायतकर्ता संतोष कुमार की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए इसे सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी। ——————————————– इसे भी पढ़ें… रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस:अधिकारियों पर पूछताछ के नाम पर मारपीट का आरोप; सेंट्रल फोर्स के जवान बुलाए गए

रांची के ED ऑफिस में झारखंड पुलिस जांच करने के लिए पहुंची है। दरअसल, ED के दो अफसरों पर एक व्यक्ति ने पूछताछ के नाम पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। ED दफ्तर में सदर DSP और एयरपोर्ट थाना के प्रभारी मौजूद हैं। वहीं ED ने सुरक्षा के लिहाज से सेंट्रल पुलिस फोर्सेस को बुलाया है।
रांची पुलिस की ओर से अब भी जांच चल ही रही है। रांची के चुटिया के संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों पर मारपीट, जानलेवा हमला, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में FIR दर्ज कराई है। इस मामले में ED के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम को आरोपी बनाया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें..





