
झारखंड में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। घोषणा के अनुरूप मानदेय नहीं बढ़ाए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा विधायकों ने विधानसभा में जमकर नारेबाजी की और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। वहीं मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार लगातार उनके लिए सुविधाएं बढ़ा रही है।
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रांची/17.3.26। आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। घोषणा के अनुरूप मानदेय नहीं बढ़ाए जाने के विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा विधायक हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए और राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कई वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार उन वादों को पूरा करने में विफल रही है। भाजपा ने मांग की कि सरकार तुरंत सेविका और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने की घोषणा को लागू करे।
महिलाओं से वोट लेकर वादे भूली सरकार: नवीन जायसवाल
भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। चुनाव के दौरान महिलाओं से बड़े-बड़े वादे किए गए और उनके वोट हासिल किए गए, लेकिन जब उन वादों को पूरा करने का समय आया तो सरकार पीछे हट गई। उनके अनुसार राज्य की हजारों सेविका और सहायिकाएं लंबे समय से अपने मानदेय में वृद्धि की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है।
कई वर्गों के साथ सरकार ने किया अन्याय: भाजपा
नवीन जायसवाल ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका ही नहीं, बल्कि रसोइया दीदी और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के कर्मचारियों के साथ भी सरकार ने वादाखिलाफी की है। उन्होंने कहा कि 2019 और 2024 के चुनाव के दौरान इन वर्गों के लिए कई घोषणाएं की गई थीं, लेकिन अब सरकार उनसे मुकर गई है।
भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं बेहद कम मानदेय पर महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन “दीदियों” को सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए और इसी मांग को लेकर भाजपा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
मंत्री इरफान अंसारी का पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से इरफान अंसारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिना वजह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। मंत्री ने कहा कि उन पर लगातार आरोप लगाए जाते हैं, जबकि वे सबसे ज्यादा काम करने वाले मंत्रियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि सहिया का मूल मानदेय भले ही 2000 रुपये हो, लेकिन विभिन्न योजनाओं और प्रोत्साहन राशि के माध्यम से उन्हें कुल मिलाकर करीब 15 हजार रुपये तक की आय हो जाती है। मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में सरकार की ओर से सहिया कार्यकर्ताओं को टैबलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि वे अपने काम को बेहतर तरीके से कर सकें।




