डीलरशीप का झांसा देकर साइबर ठगी, पांच शातिर गिरफ्तार:नालंदा में फर्जी अलॉटमेंट लेटर भेजते थे, फीस के नाम पर मांगते थे मोटी रकम

Date:


नालंदा के कतरीसराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर बदमाशों के खिलाफ एक सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, राजगीर के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कतरपुर और गोरैया बिगहा गांवों से पांच शातिर साइबर ठगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह एक संगठित सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा था और आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर आम जनता को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। पकड़े गए बदमाशों की पहचान शुभम कुमार उर्फ हिमांशु, प्रिंस कुमार, आदित्य राज, अमित कुमार और पीयूष कुमार के रूप में हुई है, जो कतरीसराय और सरमेरा थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। डीलरशीप का देता था झांसा राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से पेट्रोल पंप की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाता था। शातिर अपराधी व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी अलॉटमेंट लेटर भेजते थे और फिर रजिस्ट्रेशन शुल्क व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 11 स्मार्टफोन, 2 की-पैड फोन, 4 फर्जी सिम कार्ड और सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में 89 पन्नों का विस्तृत डेटा शीट बरामद किया है, जिसमें संभावित शिकारों की जानकारियां दर्ज थीं। इसके अलावा साइबर ठगी से जुड़ी कई अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी जब्त की गई हैं। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में अंचल निरीक्षक सुमंत कुमार, कत्तरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार समेत मनीष कुमार, रुदल पासवान और संजय दास जैसे पुलिस अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ कत्तरीसराय थाना में कांड दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार करते हुए गिरोह की कार्यशैली की विस्तृत जानकारी दी है। बदमाशों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी रहेगा जारी पुलिस ने इस बड़ी सफलता के बाद स्पष्ट संदेश दिया है कि साइबर बदमाशों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लालच, फर्जी कॉल या संदिग्ध लिंक से सावधान रहें। पुलिस ने विशेष रूप से सचेत किया है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें, ताकि इस तरह के वित्तीय फ्रॉड से बचा जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Join Us WhatsApp