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हुसैनाबाद |झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के तहत मुख्यमंत्री सारथी योजना के अंतर्गत सोमवार को हुसैनाबाद प्रखंड परिसर में युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण शक्ति इंफोटेक के माध्यम से दिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना है। प्रशिक्षकों ने बताया कि योजना के तहत असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, सिलाई मशीन ऑपरेटर, सोलर तकनीशियन और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे रोजगारोन्मुखी कोर्स उपलब्ध हैं। इन कोर्सों की अवधि 3 से 6 माह रखी गई है, जिसमें न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 5वीं से 10वीं तक निर्धारित है। प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, पाठ्य सामग्री, ड्रेस, कंप्यूटर प्रशिक्षण, लाइब्रेरी सुविधा, सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र, ऑन-जॉब ट्रेनिंग, निःशुल्क भोजन व हॉस्टल की सुविधा दी जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का भी आश्वासन दिया गया है। इस पहल से क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गढ़वा | शब-ए-कद्र के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरी रात जागकर खुदा की इबादत में बिताई। इस पवित्र रात को इस्लाम में हजार महीनों से बेहतर माना जाता है। इसलिए रोजेदारों ने विशेष रूप से नमाज, कुरान की तिलावत और दुआओं का सिलसिला देर रात तक जारी रखा। शहर के विभिन्न मस्जिदों और मोहल्लों में शब-ए-कद्र को लेकर खास रौनक देखने को मिली। मगरिब की नमाज के बाद से ही इबादत का दौर शुरू हो गया था। जो सेहरी तक चलता रहा। मस्जिदों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने तरावीह, नफ्ल नमाज और तस्बीह पढ़ी। वहीं कई लोगों ने घरों में भी इबादत का खास इंतजाम किया था। इस मौके पर उलेमाओं ने कहा कि शब-ए-कद्र की रात अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमतें नाजिल करता है और सच्चे दिल से मांगी गई दुआ कबूल होती है। इसलिए लोगों से अपील की गई कि वे इस रात को इबादत में गुजारें और अपने गुनाहों की माफी मांगें।
रमजान माह में शब-ए-कद्र पर की खुदा की इबादत
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