टल गया अमेरिका-ईरान युद्ध! बातचीत की टेबल पर लौटे दोनों देश, तुर्की में फिर शुरू करेंगे परमाणु वार्ता – US and Iran to Resume Nuclear Talks in Turkey Amid Rising Tensions ntc dpmx

Date:

ईरान और अमेरिका फिर से तुर्की में परमाणु वार्ता शुरू करने जा रहे हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने हवाले से सोमवार को यह जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक इस बैठक में सऊदी अरब, मिस्र, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस्तांबुल में 6 फरवरी को मुलाकात करेंगे. 

इस बैठक का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर कूटनीति को फिर से पटरी पर लाना और क्षेत्रीय युद्ध की आशंकाओं को कम करना है. तुर्की और अन्य क्षेत्रीय देश अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं. ईरान के पास अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी के बीच तनाव चरम पर है. पिछले महीने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर की गई हिंसक कार्रवाई के बाद हालात और बिगड़े हैं, जिसे 1979 की क्रांति के बाद का सबसे घातक आंतरिक संकट बताया जा रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्रवाई के दौरान सीधे हस्तक्षेप से तो परहेज किया, लेकिन बाद में तेहरान से परमाणु रियायतों की मांग की और ईरान के तट के पास नौसैनिक बेड़ा भेजा. ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि ईरान ‘गंभीरता से बातचीत कर रहा है’, जबकि ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि वार्ता की तैयारियां चल रही हैं. ईरानी सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं- ईरान में यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह शून्य करना, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं लगाना और क्षेत्रीय गुटों को समर्थन समाप्त करना. ईरान लंबे समय से इन तीनों मांगों को अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए खारिज करता रहा है.

यह भी पढ़ें: ‘महिलाओं का रेप, गर्भाशय निकाला, सिर की खाल नोची…’, ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की बर्बरता!

कूटनीतिक रास्ता निकालेंगे US-ईरान?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने कहा कि तेहरान बातचीत के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान के लिए समय बेहद अहम है, क्योंकि वह अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों को जल्द हटवाना चाहता है. तुर्की की सत्तारूढ़ पार्टी के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि तेहरान और वॉशिंगटन इस सप्ताह कूटनीति पर फिर से ध्यान केंद्रित करने पर सहमत हुए हैं, जिससे ईरान को संभावित अमेरिकी हमलों से राहत मिल सकती है. इस बीच, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के इजरायल जाकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख से मिलने की भी संभावना है.

ईरान ने कहा- अब ट्रंप के पाले में है गेंद

एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि कूटनीति जारी है और बातचीत शुरू करने के लिए ईरान किसी भी पूर्व शर्त के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को लेकर लचीलापन दिखाने को तैयार है, जिसमें 400 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंपना और किसी कंसोर्टियम व्यवस्था के तहत शून्य संवर्धन स्वीकार करना शामिल हो सकता है. हालांकि, ईरान चाहता है कि बातचीत से पहले अमेरिका अपने नौसैनिक बेड़े को अरब सागर से दूर ले जाए. अधिकारी ने कहा, ‘अब गेंद ट्रंप के पाले में है’.

यह भी पढ़ें: ईरान का वॉर-रूम एक्टिव, US से जंग को तैयार… अराघची ने सऊदी-मिस्र-तुर्की को मिलाया फोन

इजरायल द्वारा हमास, हिज्बुल्लाह, हूती विद्रोहियों और इराकी मिलिशिया संगठनों पर हमलों के साथ-साथ सीरिया में बशर अल-असद की सत्ता के पतन के बाद ईरान का क्षेत्रीय प्रभाव कमजोर हुआ है. पिछले साल जून में अमेरिका ने 12 दिन के इजरायली हमलों के बाद ईरान के परमाणु ठिकानों पर भी हमला किया था. इसके बाद तेहरान ने कहा था कि उसने यूरेनियम संवर्धन रोक दिया है. हालिया सैटेलाइट तस्वीरों में इस्फहान और नतांज के कुछ ठिकानों पर सीमित मरम्मत कार्य के संकेत मिले हैं. 

परमाणु वार्ता में गतिरोध की वजह क्या? 

अमेरिका और ईरान के बीच मई 2023 से रुकी पांच दौर की बातचीत के बाद भी कई मुद्दे अनसुलझे हैं. इनमें ईरान का अपने देश में यूरेनियम संवर्धन बनाए रखने पर जोर और अपने पूरे संवर्धित यूरेनियम भंडार को विदेश भेजने से इनकार शामिल है. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी ने भी बार-बार पूछा है कि जून के हमलों के बाद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का क्या हुआ. पश्चिमी देशों को आशंका है कि इससे परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं, जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल बिजली उत्पादन और नागरिक उद्देश्यों के लिए है.
 

—- समाप्त —-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Is India’s Future Water Crisis Turning Into an Opportunity for These 5 Stocks?

Synopsis: Six hundred million Indians live under extreme water...

बाइक के धक्के से युवक की मौत

नीलांबरपुर-पीतांबरपुर. पांकी-मेदिनीनगर स्टेट हाइवे पर प्रखंड कार्यालय के समीप...
Join Us WhatsApp