सहरसा में एथलेटिक्स ट्रैक-फुटबॉल मैदान की मांग:स्टेडियम में बदलाव का विरोध, खेल संघों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

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सहरसा स्टेडियम को आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना में संभावित बदलावों का जिले के खेल प्रेमियों और विभिन्न खेल संघों ने विरोध किया है। शुक्रवार को इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्टेडियम में प्रस्तावित तीरंदाजी मैदान के स्थान पर पूर्व निर्धारित एथलेटिक्स ट्रैक और फुटबॉल मैदान के निर्माण की मांग की। स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक की मांग खेल संघों के अनुसार, पहले की योजना में स्टेडियम में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल मैदान, मल्टीपरपस हॉल और प्रशासनिक भवन का निर्माण शामिल था। हालांकि, हाल ही में उन्हें जानकारी मिली है कि एथलेटिक्स और फुटबॉल सुविधाओं की जगह तीरंदाजी मैदान विकसित करने की तैयारी चल रही है। संघों ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि कोसी प्रमंडल में तीरंदाजी के लिए उपयुक्त माहौल विकसित नहीं है, जबकि एथलेटिक्स और फुटबॉल यहां पहले से ही काफी लोकप्रिय खेल हैं। उन्होंने बताया कि एथलेटिक्स ट्रैक बनने से उसके भीतर फुटबॉल मैदान भी तैयार हो सकेगा, जिससे एक साथ दो प्रमुख खेलों को बढ़ावा मिलेगा। नक्शे में कुछ व्यावहारिक बदलावों का सुझाव ज्ञापन में खेल प्रतिनिधियों ने स्टेडियम के नक्शे में कुछ व्यावहारिक बदलावों का भी सुझाव दिया। उन्होंने नए प्रशासनिक भवन की बजाय खिलाड़ियों के लिए छात्रावास निर्माण की मांग की। इसके अतिरिक्त, बाहरी परिसर में प्रस्तावित मल्टीपरपस हॉल का स्थान बदलकर इंडोर स्टेडियम के पूर्वी हिस्से में करने का सुझाव दिया गया, ताकि “उत्तर बिहार क्रिकेट एकेडमी” को बचाया जा सके। संघों ने अतिरिक्त शौचालयों के स्थान पर वॉलीबॉल, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी और खो-खो के स्थायी कोर्ट बनाने की भी मांग की। उन्होंने स्टेडियम के पूर्वी हिस्से को अतिक्रमण मुक्त कर खेल गतिविधियों के लिए विकसित करने का आग्रह किया। शहर के अन्य मैदानों, जैसे जिला स्कूल, केंद्रीय विद्यालय या पटेल मैदान में हॉकी या क्रिकेट के लिए टर्फ मैदान विकसित करने का सुझाव भी दिया गया। बुनियादी खेल सुविधाओं का विकास आवश्यक प्रतिनिधियों ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद, सहरसा के लगभग 40 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और विभिन्न खेलों में पदक भी जीते हैं। ऐसे में, बुनियादी खेल सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने वालों में एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, साइक्लिंग, बैडमिंटन और कबड्डी सहित कई खेल संघों के पदाधिकारी शामिल थे।

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