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Bengal Polls 2026: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में युवाओं को अपने पक्ष में वापस लाने के लिए रोजगार सृजन को प्रमुख मुद्दा बना रहा है. माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य शमिक लाहिड़ी ने कहा कि पार्टी इस चुनाव में बड़ी संख्या में युवा उम्मीदवारों और स्वयंसेवकों के सहारे नयी पीढ़ी का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है. राज्य में पिछले कुछ चुनावों में युवाओं के बीच समर्थन में भारी गिरावट वाम दलों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है.
बेरोजगारी की वजह से 1.25 करोड़ लोगों ने छोड़ा बंगाल
उन्होंने कहा- हमारे चुनाव प्रचार का मुख्य आधार रोजगार सृजन है. लाहिड़ी ने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसरों की भारी कमी है और बेरोजगारी के कारण लगभग 1.25 करोड़ लोग (जिनमें अकुशल से लेकर अत्यधिक कुशल लोग शामिल हैं) राज्य छोड़ चुके हैं.
जल्द जारी होगा वाम मोर्चा का घोषणा पत्र
माकपा नेता ने बताया कि वाम मोर्चा ने राज्य के लिए एक वैकल्पिक रोजगार नीति तैयार की है, जिसे विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में पेश किया जायेगा. उन्होंने कहा कि वाम मोर्चा का घोषणा पत्र अंतिम चरण में है और जल्द ही जारी किया जायेगा. इसमें रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है.
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Bengal Polls 2026: 2011 में हुआ था वाम सरकार का पतन
तृणमूल कांग्रेस के आंदोलनों के चलते 7 कार्यकाल वाली वाम मोर्चा सरकार का वर्ष 2011 में पतन हुआ था. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली सरकार को वर्ष 2007-08 के दौरान किसानों की जमीन वापसी की मांग पर तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा था. इसके चलते टाटा मोटर्स ने सिंगूर से अपनी नैनो कार परियोजना को गुजरात के साणंद स्थानांतरित कर दिया था. नंदीग्राम में प्रस्तावित रासायनिक हब योजना भी रद्द करनी पड़ी थी.
294 में से 224 सीटों पर घोषित हो चुके हैं उम्मीदवार
शमिक लाहिड़ी ने कहा कि जिन उम्मीदवारों के नाम घोषित हो चुके हैं, वे पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुट गये हैं. घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं. बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा की 224 सीटों पर वाम मोर्चा अब तक उम्मीदवारों की घोषणा कर चुका है.
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10 साल में 39 प्रतिशत से घटकर 4.73 प्रतिशत हो गया वोट
वर्ष 2011 में वाम मोर्चा को 39 प्रतिशत वोट मिले थे. वर्ष 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में यह घटकर 4.73 प्रतिशत रह गया. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में माकपा को 5.73 प्रतिशत वोट मिले. लाहिड़ी ने कहा कि पार्टी पारंपरिक तरीके से घर-घर जाकर प्रचार और मतदाताओं से संवाद पर जोर दे रही है. बड़ी जनसभाओं की जगह छोटे-छोटे स्थानीय बैठकों और व्यक्तिगत संपर्क के जरिये आम लोगों तक पहुंचने की रणनीति अपनायी जा रही है.
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पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा ने की 70 हजार से अधिक बैठकें
लाहिड़ी ने कहा कि पार्टी अब तक राज्य भर में 70 हजार से अधिक छोटी बैठकें कर चुकी है. मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क के जरिये समर्थन वापस पाने की कोशिश कर रही है. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 2 चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जायेगी.
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