पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के बरागाड़िया पंचायत अंतर्गत पानीपड़ा-नागुड़साई स्थित सुवर्णरेखा नदी घाट पर मिले संदिग्ध जिंदा बम को निष्क्रिय करने के लिए अब तक कोई तकनीकी दस्ता मौके पर नहीं पहुंचा है। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई में हो रही दे
.
हैरानी की बात यह है कि इतनी संवेदनशील स्थिति के बावजूद घटनास्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। बम के आसपास किसी तरह की घेराबंदी नहीं होने के कारण लोग बेखौफ होकर उसके करीब पहुंच रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

लोग उत्सुकतावश बम के पास जाकर फोटो खिंचवाने में जुटे दिख रहे हैं।
बम के साथ सेल्फी ले रहे ग्रामीण, बढ़ रहा जोखिम
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई ग्रामीण इस जिंदा बम को खिलौना समझकर उसके साथ सेल्फी ले रहे हैं। पत्रकारों के पहुंचने पर भी लोग उत्सुकतावश बम के पास जाकर फोटो खिंचवाने में जुटे दिखे। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को चेतावनी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण लापरवाही बरत रहे हैं।
बहरागोड़ा सर्कल के आरक्षी निरीक्षक अनिल कुमार नायक ने मौके पर पहुंचकर लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में संबंधित विभागों को सूचना दे दी गई है। सेना के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के आने के बाद ही बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सकेगा।

प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को चेतावनी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण लापरवाही बरत रहे हैं।
पुरानी घटना से जुड़ा हो सकता है मामला
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह कोई नई घटना नहीं है। उनका कहना है कि वर्षों पहले इस क्षेत्र में एक विमान नीचे आया था, जिससे बड़ी मात्रा में सामग्री गिराई गई थी। उस समय प्रशासन ने अधिकांश सामान बरामद कर लिया था, लेकिन कुछ भारी वस्तुएं बालू में दब गई थीं, जिन्हें निकालना संभव नहीं हो पाया।
अब नदी के बहाव के कारण वही वस्तुएं धीरे-धीरे बाहर निकल रही हैं। ग्रामीणों का मानना है कि नदी के नीचे अभी भी कई बम दबे हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन की धीमी कार्रवाई और लोगों की लापरवाही मिलकर बड़े खतरे को जन्म दे रही है। ——————————————————– इसे भी पढ़ें… जमशेदपुर में मिला 227KG का जिंदा बम, एरिया सील:सेना ही कर सकती है डिफ्यूज; बालू मे दबा था, द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ रहे तार

पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड में सुवर्णरेखा नदी किनारे काफी पुराने विस्फोटक के मिलने से हड़कंप मच गया है। रांची से पहुंची बम निरोधक टीम ने प्रारंभिक जांच में इसे एक शक्तिशाली जिंदा बम होने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि यह एएन-एम 64 500 बी…अमेरिकन मेड श्रेणी का बम हो सकता है, जिसका वजन करीब 227 किलो है और यह बेहद घातक स्थिति में है।
बम निरोधक दस्ते के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने बताया कि यह बम आकार में काफी बड़ा और खतरनाक है। इसे सामान्य तरीके से नष्ट करना संभव नहीं है। इसे निष्क्रिय करने के लिए उच्च स्तरीय तकनीक की जरूरत है, जो केवल सेना के पास उपलब्ध है। मालूम हो कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बम मिलने वाले क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है। यहां पढ़ें पूरी कहानी…




