झारखंड में बारिश-ओलावृष्टि से राहत भी, तबाही भी:दुमका में एक की गई जान, आज बारिश नहीं होने के आसार, 5 डिग्री तक गिरेगा पारा

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झारखंड में बारिश-ओलावृष्टि से राहत भी, तबाही भी:दुमका में एक की गई जान, आज बारिश नहीं होने के आसार, 5 डिग्री तक गिरेगा पारा
पिछले 24 घंटे में झारखंड का मौसम पूरी तरह बदला नजर आया। दिनभर की तेज गर्मी और उमस के बाद शाम होते-होते कई जिलों में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय गर्मी के असर से यह बदलाव हुआ है। अगले 24 घंटे में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक और गिरावट की संभावना है, जबकि हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। इधर, पाकुड़ के पकुरिया में सर्वाधिक 50.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी शोभायात्रा के दौरान ही तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी। शहर में शाम तक 4.60 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री दर्ज किया गया। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और जामताड़ा समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया। धनबाद में करीब 20 मिनट तक बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे सड़कों और खेतों में बर्फ जैसी चादर बिछ गई। लोग खुले स्थानों से भागकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे। वहीं बच्चों ने घरों की बालकनी में गिरे ओलों के साथ खेलकर आनंद उठाया। जमशेदपुर में 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। बोकारो-चास में 25 मिनट में 3.02 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पहले ही यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। फसलों को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। आम के मंजर और छोटे फल झड़ गए हैं, वहीं टमाटर समेत अन्य सब्जियों के फूल भी गिर गए। गेहूं की फसल में दाना भरने के समय हुई बारिश से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। दलहनी फसलों में भी फलियों के विकास पर असर पड़ सकता है। फफूंद रोग का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जल निकासी की व्यवस्था करने, तैयार फसल की कटाई कर सुरक्षित रखने और फिलहाल किसी प्रकार का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी है। मौसम साफ होने पर क्षतिग्रस्त फसलों में यूरिया के छिड़काव की भी सलाह दी गई है। आज बारिश नहीं, गिरेगा पारा दुमका जिले के मसलिया थाना क्षेत्र के डिगवाडीह गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 35 वर्षीय कन्हैया राय की मौत हो गई, जबकि उनके पिता झुलस गए। घटना के समय वे घर में रखे सरसों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय स्तर पर बढ़ी गर्मी के कारण यह बदलाव हुआ है। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। हालांकि रविवार से भारी बारिश और ओलावृष्टि में कमी आएगी, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान फिर 35 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है, जिससे हल्की उमस भी महसूस होगी।

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