![]()
नालंदा के सरमेरा प्रखंड के छात्र-छात्राएं स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी और बाधित पढ़ाई की शिकायत लेकर डीएम से मिलने पहुंचे। इनके स्कूल का नाम उत्क्रमित मध्य विद्यालय, धनावां डीह (धनावाडी) है। बच्चे करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर जिलाधिकारी (DM) से मिलने आज बिहार शरीफ पहुंचे। तीन शिक्षकों के भरोसे 200 बच्चे, सिलेबस भी अधूरा जिलाधिकारी को सौंपे गए सामूहिक आवेदन और अपनी आपबीती सुनाते हुए कक्षा 8वीं की छात्रा नव्या कुमारी और सृष्टि कुमारी ने बताया कि उनके स्कूल में पिछले कई साल से शिक्षकों की भारी कमी है। स्कूल में लगभग 200 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल तीन ही शिक्षक मौजूद हैं- जिनमें एक हेड मास्टर और दो अन्य शिक्षक शामिल हैं। शिक्षक भी प्राथमिक कक्षाओं (1 से 5) में व्यस्त रहते हैं, जिस कारण मध्य विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी है। परीक्षा में हुई भारी कठिनाई, साल भर से मांग की जा रही अनदेखी कक्षा 6 के छात्र हिमांशु कुमार ने बताया कि शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण उनका सिलेबस समय पर पूरा नहीं हो पाया, जिसकी वजह से हाल ही में हुई वार्षिक परीक्षाओं में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में एक भी महिला शिक्षिका नहीं है और जो पहले थे उनका भी तबादला हो गया। “जब टीचर ही नहीं होंगे तो हम पढ़ेंगे कैसे और हमारा भविष्य कैसे बनेगा?” हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर की कार्रवाई की मांग छात्रों ने जिलाधिकारी को एक लेटर सौंपा है, जिस पर स्कूल के लगभग 57 छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर और नाम दर्ज हैं। पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि स्कूल प्रशासन से बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। बच्चों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि वे स्वयं या उनका कोई प्रतिनिधि स्कूल का दौरा करे ताकि उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चल सके। फिलहाल, 40 किलोमीटर दूर से अपने अभिभावकों के साथ आए इन बच्चों की हिम्मत और पढ़ाई के प्रति जज्बे की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन भविष्य के कर्णधारों की पुकार पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है।
'DM सर, स्कूल में टीचर नहीं हैं, कैसे करें पढ़ाई?':नालंदा में 40 KM का सफर तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, कहा- पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी है
Date:




