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खगड़िया में एनीमिया नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सदर अस्पताल में एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) थेरेपी की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य गंभीर एनीमिया से पीड़ित मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को त्वरित और प्रभावी उपचार प्रदान करना है। इस योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने किया था। इसके बाद खगड़िया में भी इसे लागू किया गया। सदर अस्पताल के कोविड वार्ड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 23 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम थेरेपी दी गई। थेरेपी एनीमिया के इलाज में अत्यंत कारगर विशेषज्ञों के अनुसार, यह थेरेपी एनीमिया के इलाज में अत्यंत कारगर है। इसमें एक ही खुराक के माध्यम से शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा किया जा सकता है। इससे गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार की संभावना है, साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र कुमार, डीएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. संजू कुमारी, डॉ. अर्चना कुमारी और डॉ. शशिवाला सहित कई चिकित्सक उपस्थित थे। अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मियों ने भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई। एनीमिया मुक्त बिहार अभियान को गति देने में सहायक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल “एनीमिया मुक्त बिहार” अभियान को गति देने में सहायक सिद्ध होगी। यह “सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
खगड़िया में एनीमिया कंट्रोल को FCM थेरेपी शुरू:23 गर्भवती महिलाओं को मिला फायदा, स्वास्थ्य मंत्री ने किया था शुभारंभ
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