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हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान अपनी ही पार्टियों (राजद और कांग्रेस) के खिलाफ स्टैंड लेने वाले विधायकों को नीतीश सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने समितियों का पुनर्गठन करते हुए राजद के बागी विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के बागी मनोहर प्रसाद सिंह को महत्वपूर्ण समितियों का सभापति नियुक्त किया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, फैसल रहमान को गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति की कमान सौंपी गई है। वहीं, मनोहर प्रसाद सिंह को प्रत्यायुक्त विधान समिति का सभापति बनाया गया है। ‘हम’ (से) की विधायक ज्योति देवी को पुस्तकालय समिति और रालोमो के माधव आनंद को शून्यकाल समिति का सभापति बनाया गया है। विधानसभा की कुल 26 समितियों में से 20 का पुनर्गठन किया गया है। नियम समिति, सामान्य प्रयोजन समिति और विशेषाधिकार समिति के सभापति खुद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार होंगे। तीन समितियों आवास समिति, आंतरिक संसाधन एंव केन्द्रीय सहायता समिति और कृषि उद्योग विकास समिति का गठन बाकी है। गठबंधन को मजबूत करने व विपक्ष को तोड़ने की रणनीति इन नियुक्तियों के पीछे साफ राजनीतिक संदेश है। राज्यसभा चुनाव के दौरान पाला बदलने वाले विधायकों को ‘पुरस्कृत’ कर सरकार ने यह संकेत दिया है कि सत्ता का साथ देने वालों का ख्याल रखा जाएगा। यह कदम न केवल मौजूदा गठबंधन को स्थिरता देता है, बल्कि भविष्य के लिए विपक्षी खेमे में सेंधमारी के दरवाजे भी खुले रखता है। विधानसभा में 26 समितियां होती हैं जिनमें 20 समितियां पुनर्गठित हुई

