
Deoghar Land Acquisition Scam, देवघर (संजीत मंडल): देवघर में घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार भू-अर्जन विभाग के प्रधान लिपिक निरंजन कुमार और अनुसेवक नुनदेव प्रसाद यादव को उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने निलंबित कर दिया है. उपायुक्त ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दोनों पर विभागीय कार्रवाई की पुष्टि की है. जानकारी के अनुसार, 13 मार्च को एसीबी (ACB) की टीम ने दोनों कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जिसके बाद 26 मार्च से इन्हें सेवा से निलंबित माना गया है.
रिंग रोड परियोजना की 100 से अधिक फाइलें अटकीं
निलंबित प्रधान लिपिक निरंजन कुमार के जिम्मे देवघर रिंग रोड परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण मौजों की फाइलें थीं. इनमें नवाडीह, घाघरा, मोहनपुर और उदयपुर जैसे 18 से अधिक इलाकों के भूमि अधिग्रहण और मुआवजे संबंधी दस्तावेज शामिल हैं. निलंबन के बाद से इन क्षेत्रों में मुआवजा वितरण का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे 100 से अधिक रैयत रोजाना कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है.
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नये कर्मी की कमी से बढ़ी प्रशासनिक सिरदर्दी
निरंजन कुमार के स्थान पर अब तक किसी नये कर्मी की प्रतिनियुक्ति नहीं किए जाने से विभागीय कामकाज और अधिक पटरी से उतर गया है. इस कार्रवाई के बाद जहां एक ओर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है, वहीं, दूसरी ओर रिंग रोड जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना में देरी होने से प्रशासन पर जल्द वैकल्पिक व्यवस्था बहाल करने का दबाव बढ़ गया है. रैयतों का कहना है कि अधिकारियों की गलती की सजा आम जनता को मुआवजे में देरी के रूप में भुगतनी पड़ रही है.
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