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मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को बोरचल्ला में झामुमो प्रत्याशी अब्दुल मजान, रोगोनाडी और दुलियाजान में प्रत्याशी पीटर मिंज के पक्ष में चुनावी सभा की। इस मौके पर हेमंत ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के सबसे चहेते मुख्यमंत्री असम के हैं। इनकी नीति है फूट डालो और शासन करो। झामुमो का जन्म आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ है। सोरेन ने असम के चाय बागानों में रहने वाले मजदूरों, किसानों और आदिवासी समुदाय की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से उन्हें सुनियोजित तरीके से उपेक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि असम की अर्थव्यवस्था चाय बागानों पर टिकी है, लेकिन उन्हीं बागानों में काम करने वाले मजदूरों को बेहद कम मजदूरी मिलती है, जो उनके जीवन-निर्वाह के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मजदूरी बढ़ाने और श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा- झामुमो इन्हें हक दिलाने का काम करेगा। एनआरसी और सीएए के जरिये विभाजन पैदा करती है भाजपा मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की नीतियां समाज को बांटती हैं। एनआरसी और सीएए आदि के माध्यम से लोगों के बीच विभाजन पैदा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की बजाय अपने चंद व्यापारी साथियों के हितों को प्राथमिकता देती है और टैक्स के पैसे का दुरुपयोग करती है। चुनाव के समय महिलाओं के खाते में 9000 रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पांच वर्ष के लिए यह पैसा काफी है। उनको हर महीने नौ हजार रु. क्यों नहीं देती सरकार।


