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रांची में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर गैस की कालाबाजारी हो रही है तो दूसरी ओर आम उपभोक्ता गैस के लिए आधी रात से कतार में लग रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार को ऑयल कंपनियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके साफ निर्देश दिया कि गोदाम से गैस की आपूर्ति नहीं होगी। एजेंसियों को होम डिलीवरी सुनिश्चित करनी होगी। अगर किसी उपभोक्ता को तत्काल गैस की जरूरत हो तो वह संबंधित गैस एजेंसी से छोटा पांच किलो वाला सिलेंडर ले सकता है। एजेंसियों को छोटे सिलेंडर की आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है। डीसी के निर्देश के बाद दैनिक भास्कर ने रविवार को रांची की दस गैस एजेंसियों में जाकर पड़ताल की। किसी भी एजेंसी में छोटा सिलेंडर नहीं मिला। यहां तक कि एजेंसी के कर्मचारियों ने अजीबोगरीब जवाब दिए। देवी गैस एजेंसी के कर्मचारी ने कहा कि इंडेन छोटा सिलेंडर नहीं देता, एचपी या भारत गैस में पता कीजिए। वहीं, एसके गैस एजेंसी में बताया गया कि छोटा सिलेंडर अभी नहीं है, एक-दो सप्ताह के बाद आकर पता कीजिए। जयंत गैस एजेंसी के कर्मचारी ने कहा कि नया कनेक्शन लेना होगा, लेकिन अभी कनेक्शन भी नहीं मिल रहा है। दस किलो वाला सिलेंडर अभी मिलेगा, लेकिन आपने बुकिंग कराई है, तभी गैस मिल सकती है। गैस देने के 10 दिन बाद भेजा मैसेज, अब 44 दिन बाद नई बुकिंग हरमू कॉलोनी निवासी राजीव कुमार ने बताया कि आनंद गैस एजेंसी में मेरा कनेक्शन है। मैंने 11 मार्च को बुकिंग कराई, डिलीवरी 20 मार्च को मिली। मैसेज आया कि इस सिलेंडर की डिलीवरी 30 मार्च को कर दी गई और अगली बुकिंग तिथि 25 अप्रैल है। यानी अब पिछली बुकिंग के 44 दिन बाद दूसरी बुकिंग कर सकूंगा। कई गैस एजेंसियों में ऐसी शिकायतें आ रही हैं। प्रशासन का आदेश कागज पर, सड़क से गोदाम तक लाइन में हैं उपभोक्ता राजधानी रांची में गैस संकट अब सिर्फ आपूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता की कहानी बनता जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए संकट के बाद मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार को साफ आदेश दिया था कि किसी भी हाल में गैस गोदाम से सीधे वितरण नहीं होगा और हर उपभोक्ता तक होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन, रविवार को जमीनी हकीकत इन दावों के उलट नजर आई। शहर के कई इलाकों में लोग घंटों लाइन में खड़े होकर गैस लेने को मजबूर हैं, जबकि एजेंसियां अलग-अलग बहाने बनाकर गोदाम से ही सिलेंडर दे रही हैं। कहीं 6-7 घंटे का इंतजार तो कहीं सैकड़ों की भीड़ है। संकट के बीच आम जनता ही सबसे ज्यादा परेशान है। जयंत गैस एजेंसी: 5 किलो वाला सिलेंडर रहेगा, तभी तो मिलेगा रिपोर्टर: भैया, 5 किलो वाले सिलेंडर में गैस रिफिलिंग हो जाएगी?
कर्मचारी: नहीं, अभी छोटा सिलेंडर नहीं मिल रहा है। आपको 10 किलो वाला लेना होगा।
रिपोर्टर: 10 किलो वाला सिलेंडर कैसे मिलेगा, यह तो मेरे पास है भी नहीं?
कर्मचारी: नया कनेक्शन लेना होगा, लेकिन अभी कनेक्शन नहीं मिल रहा है।
रिपोर्टर: डीसी ने तो कहा था आधार कार्ड दिखाकर छोटा सिलेंडर ले सकते हैं?
कर्मचारी: गैस रहेगी, तभी तो मिलेगी। जब छोटा सिलेंडर आएगा, तब पता कर लीजिएगा। इंडेन बरियातू गैस एजेंसी: छोटा सिलेंडर था, खत्म हो गया रिपोर्टर: भैया, पांच किलो वाला सिलेंडर मिल जाएगा न? कर्मचारी: नहीं भाई, अभी कोई उपाय नहीं है। रिपोर्टर: डीसी का आदेश तो है कि सभी एजेंसियों से मिलेगा। कर्मचारी: मेरे पास था पहले, लेकिन वह खत्म हो गया। रिपोर्टर: कब तक मिल पाएगा, कुछ समय बता सकते हैं? कर्मचारी: देखिए मंगलवार या बुधवार को आकर पता कर लीजिएगा। रांची में गैस किल्लत दूर करने के लिए उठाए गए कदम नाकाफी, कुछ एजेंसियों ने होम डिलीवरी शुरू की, फिर भी गोदाम पहुंच रहे लोग। बीएफसी गैस एजेंसी, कडरू: एक-दो दिन बाद पता कर लें रिपोर्टर: भैया, पांच किलो वाला सिलेंडर मिल जाएगा न? कर्मचारी: आपके पास खाली सिलेंडर है तो भी आज नहीं होगा। रिपोर्टर: भैया, कब होगा और कितना पैसा देना होगा? कर्मचारी: एक-दो दिन बाद आइए, 650 रुपए लगेंगे। रिपोर्टर: जिनके पास सिलेंडर नहीं होगा, उन्हें मिलेगा क्या? कर्मचारी: नहीं, नया कनेक्शन अभी नहीं दिया जा रहा है। रिंग रोड पर कोयला लदा ट्रक पलटा, 2 घंटे में लोगों ने लूटा शनिवार को देर रात तुपुदाना से पहले बालश्रृंग के पास रिंग रोड पर कोयला लदा एक ट्रक पलट गया। सुबह जैसे ही ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली, सैकड़ों महिला-पुरुष व बच्चे कोयला लूटने पहुंच गए। कोई ट्रैक्टर तो कोई ऑटो-रिक्शा व साइकिल पर कोयला उठाकर ले भागा। महज दो घंटे में पूरा कोयला गायब हो गया।


