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'BJP के दबाव में राज्यसभा गए नीतीश कुमार':तेजस्वी ने कहा- विधानसभा में वो बोलते तो सदन स्थगित कर देते थे, नेता प्रतिपक्ष को मिली सैलरी


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। जल्द ही वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। अब इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, विधानसभा चुनाव के दौरान ही महागठबंधन ने स्पष्ट कर दिया था कि इस तरह की राजनीतिक स्थिति नहीं रहने दी जाएगी, लेकिन एनडीए के नेताओं ने जनता को गुमराह किया। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय एनडीए के नेता 25 से 30 साल तक नीतीश कुमार के नेतृत्व की बात कर रहे थे, लेकिन अब अचानक सरकार में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यही निर्णय लेना था, तो चुनाव से पहले क्यों नहीं बताया गया। तेजस्वी ने कहा, यह फैसला नीतीश कुमार की इच्छा से नहीं बल्कि बीजेपी के दबाव में लिया गया है। उन्होंने बिहार की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य की हालत लगातार बद से बदतर होती जा रही है। बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने पूछा कि आम लोगों के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। TRE-4 के मुद्दे पर बोला हमला TRE-4 के मुद्दे को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले भी सुझाव दिए गए थे, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि सरकार में बैठे लोग काम करने के बजाय केवल सत्ता बचाने में लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन्हें बिहार से ज्यादा अपनी कुर्सी की चिंता है। कहा- जनादेश कुछ और है, मुख्यमंत्री कोई और बन रहा मुख्यमंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश कुछ और है, लेकिन मुख्यमंत्री कोई और बन रहा है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। साथ ही तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर दबाव होने का आरोप लगाते हुए कहा, कई मौकों पर उन्हें सार्वजनिक रूप से असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में जब नीतीश कुमार बोलते हैं, तो उनकी बात बीच में रोकी जाती है या सदन को स्थगित कर दिया जाता है, जो उनके साथ अपमानजनक व्यवहार को दर्शाता है। तेजस्वी को मिली सैलरी वहीं, तेजस्वी यादव ने कहा था सैलरी नहीं मिली है, अब उसपर सरकार का जवाब आया है। सरकार के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बकाया वेतन का भुगतान कर दिया गया है। 15 नवंबर 2025 से 2 दिसंबर 2025 तक का बकाया वेतन 18 मार्च 2026 को कोषागार में भेजा गया था और उसी दिन पास भी हो गया। इसके बाद दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक का वेतन 10 अप्रैल 2026 को कोषागार में जमा किया गया, जिसे आज ही सुबह 11:28 बजे मंजूरी मिल गई। तेजस्वी यादव का पुराना और हाल का वेतन अब पास हो चुका है।

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