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चतरा पुलिस ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एक वायरल वीडियो और आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने गिद्धौर थाना प्रभारी शिवा यादव सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर तस्कर के साथ सांठगांठ कर एक युवक को बिना आधिकारिक प्रक्रिया के उठाने का प्रयास करने का आरोप है। यह कार्रवाई चतरा जिले में पिछले एक हफ्ते से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद की गई है। निजी बलेनो कार में सवार होकर गांव पहुंचे थे
यह मामला राजपुर थाना क्षेत्र के बिंधानी गांव का है। वीडियो में गिद्धौर थाना प्रभारी शिवा यादव, सीसीटीएनएस ऑपरेटर दिलीप कुमार और मुंशी महेश कुमार एक नीले रंग की निजी बलेनो कार में सवार होकर गांव पहुंचे थे। सादे लिबास में पहुंचे इन पुलिसकर्मियों ने संदीप दांगी नामक युवक को जबरन गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। इस दौरान न तो स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया और न ही किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। घटना के इस तरीके पर सवाल उठ रहे हैं। स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी फरार हो गए थे
वहीं, परिजनों और ग्रामीणों के विरोध के कारण स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी और उनके साथी मौके से फरार हो गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल को जांच का जिम्मा सौंपा था। एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट मिलते ही एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना प्रभारी शिवा यादव, मुंशी और ऑपरेटर को सस्पेंड कर दिया। बिट्टू दांगी का आपराधिक इतिहास रहा है
इस पूरे घटनाक्रम में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की उस निजी कार को कोई सरकारी ड्राइवर नहीं, बल्कि बिट्टू दांगी नामक व्यक्ति चला रहा था। बिट्टू दांगी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी अफीम व पशु तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है। उसकी संलिप्तता ने मामले को और गंभीर बना दिया है।


