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चतरा पुलिस ने लावालौंग क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 1 करोड़ रुपये की अफीम और डोडा जब्त किया है। यह कार्रवाई एसपी सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में की गई, जिसमें छह तस्करों के घरों से नशे का जखीरा बरामद हुआ। हालांकि तस्कर भागने में कामयाब रहे। पिछले तीन दिनों के भीतर लावालौंग क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें अफीम माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है। पुलिस ने तस्करों के घरों से उनके आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। गोपनीय सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया चतरा एसपी सुमित अग्रवाल को मिली एक गोपनीय सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया। सूचना थी कि रिमी पंचायत के खाखर गांव में आधा दर्जन तस्कर अपने घरों में भारी मात्रा में अफीम और डोडा जमा कर रहे हैं। तस्कर 13 अप्रैल को इस नशे को बाहरी व्यापारियों को बेचने की योजना बना रहे थे। इससे पहले कि वे अपने मंसूबों में कामयाब होते, सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने खाखर गांव को चारों तरफ से घेर लिया। बोरे में भरकर रखी गई थी भारी मात्रा में अफीम और डोडा पुलिस ने अमारिक गंझु, मनोज गंझु, सरजू गंझु, मदन गंझु, विनोद गंझु और पिंटू गंझु के घरों में तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके घरों से बोरे में भरकर रखी गई भारी मात्रा में अफीम और डोडा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से 8.7 किलोग्राम गीला अफीम, 370 किलोग्राम डोडा और 109 किलोग्राम पोस्ता दाना बरामद किया है। इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर भागने में सफल रहे एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने नशा तो जब्त कर लिया है, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर भागने में सफल रहे। एसपी ने स्वीकार किया कि माफियाओं को पुलिस के आने की भनक लग जाती है, जिससे वे फरार हो जाते हैं। हालांकि, इस बार पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। तस्करों के घरों से उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले हैं, जिससे उनकी पहचान पूरी तरह पुख्ता हो गई है। अब पुलिस उनकी संपत्ति की कुर्की और गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी कर रही है।


