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बोकारो स्टील सिटी स्थित टू-टैंक गार्डन में बुधवार को विस्थापित संघर्ष मोर्चा ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) प्रबंधन से विस्थापितों को प्लांट, बीजीएच, नगर सेवा भवन और प्रशासनिक भवन में एडहॉक, दैनिक वेतनभोगी, कैजुअल या स्थायी रूप से नियोजित करने की मांग की। मोर्चा ने यह भी मांग की कि विस्थापितों को उनकी योग्यता के अनुसार डीपीएलआर और बैकलॉग के माध्यम से रोजगार दिया जाए। इसके अतिरिक्त, नियोजन में आयु सीमा 45 वर्ष तक बढ़ाने, बहाली की निविदाओं में डीपी कॉलम जोड़ने और अतिक्रमणमुक्त सरप्लस भूमि मूल विस्थापितों या उनके वंशजों को लौटाने की मांग भी रखी गई। संगठन के अध्यक्ष राम प्रसाद मुर्मू ने कहा कि विस्थापितों के हित में कई वर्षों से ज्ञापन और आंदोलन किए जा रहे हैं, लेकिन बीएसएल प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की तरह अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल पदों पर विस्थापितों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। संगठन ने लगभग 20 हजार शिक्षित, अशिक्षित और प्रशिक्षित विस्थापित महिला-पुरुषों की बहाली की मांग दोहराई। धरना के दौरान संस्थापक कामरेड गुलान चन्द्र ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 12 मई 2026 को एडीएम बिल्डिंग के समक्ष बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो विस्थापित युवा, महिलाएं और पुरुष गेट पर बैठकर आंदोलन करेंगे और नौकरी मिलने तक नहीं हटेंगे। इस धरना-प्रदर्शन की पूर्व सूचना बोकारो स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) को दी गई थी। साथ ही, बीएसएल के निदेशक प्रभारी, सीएमओ-बीजीएच, मुख्य महाप्रबंधक एचआर और नगर सेवा भवन प्रबंधन को भी इसकी जानकारी भेजी गई है।

