समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के लगभग 593 करोड़ रुपए की निकासी मार्च में नहीं हो पाई। इसमें केंद्रांश और राज्यांश दोनों हैं। केंद्रांश लगभग 356 करोड़ है, जबकि राज्यांश लगभग 237 करोड़ रुपए हैं। 31 मार्च को ट्रेजरी से इन पैसों की निकासी तकनीकी कारणों से नहीं हो पाई। ऐसे में बैंक खाता खाली है। शिक्षकों और कर्मियों के मानदेय और कई प्रकार के भुगतान पर ताला लटक गया है। करीब दो हजार कंप्यूटर और व्यावसायिक शिक्षकों को पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिला है। खाते में राशि नहीं होने के कारण किताब-कॉपी, साइकिल आदि के भुगतान तथा निर्माण कार्य पर असर पड़ रहा है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी सच्चिदानंद द्विवेंदु तिग्गा ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को इस बारे में पूर्व में पत्र भेजा था। जेईपीसी ने इस पूरे मामले को लेकर एक बार फिर से प्राथमिक शिक्षा निदेशक को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। जेईपीसी ने रिमाइंडर भेजकर कहा है कि वर्तमान में समग्र शिक्षा के एकल नोडल बैंक खाते में बहुत ही कम राशि है। इस कारण सभी स्तरों पर होने वाले खर्च बाधित हैं। आगामी केंद्रांश की विमुक्ति बाधित राशि की निकासी नहीं होने के कारण आगामी केंद्रांश की विमुक्ति भी बाधित रहेगी। जब तक निकासी नहीं हो जाती, तब तक केंद्र सरकार को इस वित्तीय वर्ष के पहले किस्त की विमुक्ति का अनुरोध भी नहीं भेजा जा सकता है। ऐसे में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के सामने एक अजीबोगरीब संकट खड़ा हो गया है। हालांकि यह राशि तकनीकी रूप से ‘लैप्स’ नहीं हुई है। लेकिन, निकासी नहीं होने के कारण राज्य के हजारों शिक्षकों का मानदेय और कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटक गई हैं। राज्य का शैक्षणिक ढांचा प्रभावित भले ही पैसा सरकारी खजाने में सुरक्षित है, लेकिन समय पर प्रक्रिया पूरी न होने से न केवल झारखंड का शैक्षणिक ढांचा प्रभावित हो रहा है, बल्कि पूरी तरह मानदेय पर निर्भर हजारों परिवारों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया है। संकट गहराया : समग्र शिक्षा जैसी योजनाओं का फंड लैप्स नहीं होता और इसे अगले वित्तीय वर्ष में उपयोग किया जा सकता है। लेकिन संकट गहरा गया है। 31 मार्च तक ट्रेजरी से फंड नहीं निकल पाने के कारण जेईपीसी के पास वर्तमान में भुगतान के लिए राशि की कमी हो गई है। आगे क्या… ट्रेजरी घोटाले के कारण राशि की निकासी में और विलंब संभव वर्तमान में विभिन्न जिलों के ट्रेजरी से करोड़ों की अवैध निकासी की सूचना ने हड़कंप मचा दिया है। वर्षों से हो रहे इस गोरखधंधे को सीएजी की एक रिपोर्ट ने सामने लाया है। ट्रेजरी घोटाले के कारण विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन की निकासी अभी नहीं हो पा रही है। ऐसे में समग्र शिक्षा अभियान के पैसे की निकासी में भी विलंब होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसे हुआ तो संकट और भी गहरा सकता है।


