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‘मेरी बहन की शादी है। गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा तो बारातियों को क्या खिलाएंगे? अगर खिला नहीं पाएंगे तो बड़ी बेइज्जती हो जाएगी। बारातियों की संख्या तो 150 है, लेकिन गांव, रिश्तेदारों को जोड़ लिया जाए तो 600 लोगों को खाना बनना है। 15 सिलेंडर चाहिए, इसलिए डीएम ऑफिस में आवेदन देने आए हैं।’ अभिषेक ठाकुर, दरभंगा ‘मेरे घर में 18 और 20 अप्रैल को शादी है। पहला कार्ड भगवान को दिया है। दूसरा कार्ड लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। आवेदन देते हुए 15 सिलेंडर की मांग की है। आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक वेरिफिकेशन के लिए अफसर घर नहीं आए हैं। सिलेंडर नहीं मिला तो लकड़ी-कोयले के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ेगा।’ मुलायम सिंह यादव, समस्तीपुर खरमास के बाद अब बिहार में शादियों का सीजन शुरू हो गया है। अप्रैल से लेकर जुलाई तक शहनाइयां बजेंगी, लेकिन जिन घरों में शहनाइयों की तैयारी है, वहां सिलेंडर को लेकर परिवार के मुखिया टेंशन में हैं। दरअसल, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग को लेकर गैस आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं। लोगों को घरेलू सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में शादियों वाले घरों में 500 से अधिक मेहमानों के लिए खाना बनाया जाना है, उन्हें 10 से 15 सिलेंडर की जरूरत है। गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए बिहार सरकार ने गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत आवेदकों को शादी के कार्ड के साथ-साथ अपना आधार कार्ड और गैस सिलेंडर की जरुरत बतानी होगी। फिर वेरिफिकेशन के बाद उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। बिहार में अगले चार महीनों में कब-कब शादी का मुहूर्त है? गैस सिलेंडर के लिए बिहार सरकार का नया नियम क्या है? नए नियम के तहत जरुरतमंद कहां जा रहे हैं? कैसे आवेदन कर रहे हैं? आवेदन के बाद उनका क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले सिलेंडर के लिए नए नियम को जानिए अब जानिए गैस सिलेंडर के लिए अप्लाई करने वालों की कहानी स्थान: दरभंगा DM ऑफिस दरभंगा जिले के सदर थाना क्षेत्र के खुटवारा गांव के रहने वाले महेंद्र ठाकुर ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर 10 एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है। महेंद्र ठाकुर ने बताया कि मेरी बेटी कृष्णा कुमारी की शादी है। शादी समारोह में करीब 200 से अधिक मेहमानों और बारातियों के लिए भोजन की व्यवस्था करनी है। सदर प्रखंड के अभिषेक ठाकुर ने बताया कि मेरी बहन की शादी है, लेकिन गैस सिलेंडर की कमी के कारण शादी की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। बारात के स्वागत और गांव-समाज के करीब 700 लोगों के भोजन की व्यवस्था करनी है। इसके लिए कम से कम 10 गैस सिलेंडर की जरूरत है। मेरे पास एक कनेक्शन है, जिससे केवल एक सिलेंडर ही मिल पाया है। हम लोग कुछ हद तक लकड़ी का इंतजाम किए हैं, लेकिन इतने बड़े स्तर पर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना मुश्किल है। युवक ने कहा- मेरे दोस्त की बहन की शादी है, सिलेंडर को लेकर डिप्रेशन में है अभिषेक के साथ डीएम ऑफिस पहुंचे उसके दोस्त सचिन ने कहा कि शादी 13 मई को होनी है। अभिषेक और उसका परिवार गैस सिलेंडर को लेकर टेंशन में है। सचिन ने कहा कि दोस्त की बहन की शादी है तो वो हमारी भी बहन है। हम चाहते हैं कि उसकी शादी अच्छे से हो, बारात का स्वागत ठीक ढंग से हो सके। सचिन ने बताया कि गैस की किल्लत बढ़ गई है। शादी की तैयारी करना मुश्किल हो गया है। गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं होने के कारण मेरा दोस्त मानसिक दबाव में है। मुझे नहीं लगता कि गैस सिलेंडर यहां से आसानी से मिल पाएगा, फिर भी कोशिश कर रहे हैं। ‘गैस सिलेंडर जरूर मिलेगा, लेकिन प्रक्रिया का पालन करना ही होगा’ सदर एसडीएम विकास कुमार ने कहा कि वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए प्रशासन की ओर से कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन इसके लिए तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। जो गैस के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें शादी का कार्ड देना होगा, बताना होगा कि कितने लोगों का खाना बनना है और कुल कितने गैस सिलेंडर की आवश्यकता है। आवेदन देने वाले व्यक्ति को यह भी बताना अनिवार्य है कि उनके यहां खाना बनाने वाले कैटरर कौन हैं और उनका कमर्शियल कंज्यूमर नंबर क्या है। बिना कमर्शियल कनेक्शन नंबर के गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। अब तक करीब 40 लोगों ने गैस सिलेंडर के लिए आवेदन किया है। जिन परिवारों में शादी, मुंडन, उपनयन या अन्य सामाजिक कार्यक्रम हैं, उन्हें गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि सभी जगह गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। एजेंसियों पर लग रही लाइन को व्यवस्थित किया जा रहा है और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही होम डिलीवरी के माध्यम से भी गैस पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। कैटरिंग संचालक बोले- मई तक 10 ऑर्डर बुक हैं सुरुचि कैटरिंग के संचालक अशोक गुप्ता ने बताया कि मेरे पास अप्रैल से मई तक करीब 10 ऑर्डर बुक हैं। मैंने सभी पार्टियों को पहले ही बता दिया है कि खाना बनाने के लिए आपको गैस सिलेंडर की व्यवस्था खुद करनी होगी। अगर गैस नहीं मिलेगा तो लकड़ी या कोयला उपलब्ध कराया जाएगा तो उसी पर खाना बनाकर देंगे। हमारा काम खाना बनाना है और हम हर परिस्थिति में यह जिम्मेदारी निभाएंगे। स्थान: गयाजी SDM ऑफिस 20 साल के चांदचौरा निवासी कुंदन कुमार अपने दोस्त के साथ हाथ में आवेदन की एक कॉपी, आधार कार्ड और बहन की शादी का कार्ड लेकर SDM ऑफिस पहुंचे। कुंदन बताते हैं कि अब खरमास खत्म हो गया है। मेरे घर में 25 अप्रैल को शादी है। इस बीच सरकार ने नियम बना दिया कि शादी समारोह के लिए अब केवल कमर्शियल गैस सिलिंडर ही दिए जाएंगे। वो भी सीधे नहीं, बल्कि SDM के आदेश के बाद मिलेगा। बिना अनुमति के कोई भी गैस एजेंसी शादी के लिए सिलिंडर नहीं देगी। इसलिए आज SDM कार्यालय में आवेदन देने आया हूं। के साथ शादी का कार्ड, गैस कंज्यूमर कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी भी अटैच किए है। उधर, भास्कर रिपोर्टर को पता चला कि खरमास के खत्म होने से पहले SDM के ऑफिस में आवेदकों की भीड़ बढ़ गई है। 16 अप्रैल को करीब 40 आवेदक आए थे। 18 तक ये संख्या 100 के करीब पहुंच गई है। सबसे ज्यादा डिमांड 27 अप्रैल को है। ‘कोई काउंटर पर तो कोई सीधा SDM से मिलकर आवेदन दे रहा है’ SDM कार्यालय में मौजूद आपूर्ति सहायक सुमन कुमार सिंह ने बताया कि लोग आवेदन दे रहे हैं। कोई काउंटर पर जमा कर रहा है, तो कोई सीधे SDM से मिलकर आवेदन सौंप रहा है। हर शादी की तारीख के लिए दर्जनों आवेदन आ रहे हैं। इन आवेदकों के बीच जिला परिषद सदस्य कुंदन कुमार चौधरी ने अपनी बेटी की शादी के लिए 40 सिलिंडर की मांग की है। उनका कहना है कि करीब 5 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था है, ऐसे में इतनी खपत जरूरी है। SDM अनिल कुमार रमन ने कहा कि आवेदन आ रहे हैं, लेकिन मांग जरुरत से ज्यादा है। जो 10 सिलिंडर मांग रहा है, उसे 5 या 6 सिलिंडर ही दिए जा रहे हैं। 500 लोगों के लिए औसतन 3 कमर्शियल सिलिंडर का ही आदेश दिया जा रहा है। स्थान: नालंदा SDO ऑफिस बिहार शरीफ के रहने वाले अजित कुमार बताते हैं कि मेरी शादी 30 अप्रैल को होनी है। अगर सिलेंडरों की किल्लत इसी तरह बनी रही, तो हम लोगों को कोयले या लकड़ी के चूल्हों की ओर रुख करना होगा। वहीं, बहन की शादी के लिए आवेदन देने पहुंचे राहुल कुमार ने बताया कि बाजार में गैस की भारी किल्लत है और समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है। उनके घर में होने वाले आयोजन में करीब 1500 मेहमानों के आने की उम्मीद है, जिसके लिए कम से कम पांच-छह सिलेंडरों की जरुरत है। डीएम बोले- 54 गैस एजेंसियों के जरिए आपूर्ति सुनिश्चित करा रहे हैं नालंदा के डीएम कुंदन कुमार कहते हैं कि जिले की 54 गैस एजेंसियों के माध्यम से हर दिन औसतन 9000 से अधिक घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, शादियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत न हो, इसके लिए एक विशेष व्यवस्था लागू की है। सदर एसडीओ क्रिषलय श्रीवास्तव ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत अब तक 70 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जिनमें अधिकांश का निस्तारण कर एमओ के माध्यम से सिलेंडर भिजवाए जा रहे हैं। प्रशासन की यह सख्ती और प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि नालंदा का मैरेज कल्चर राजधानी पटना से काफी अलग है। जिले के लगभग 90 प्रतिशत मैरिज हॉलों में ‘प्लेट सिस्टम’ के बजाय ‘स्वयं हलवाई’ रखने की परंपरा है, जिससे गैस से लेकर राशन तक का सारा इंतजाम सीधे तौर पर वर या वधू पक्ष को ही करना पड़ता है। लोगों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए टोल-फ्री नंबर 06112-233168 पर शिकायत दर्ज कराने का भी विकल्प दिया गया है। स्थान: समस्तीपुर एसडीएम ऑफिस जिले के चारों अनुमंडलों में शनिवार तक गैस सिलेंडर के लिए 500 से अधिक आवेदन आए हैं। आवेदन देने वालों को उम्मीद है कि शायद सिलेंडर मिल जाए। कुछ लोगों ने बताया कि गैस सिलेंडर न मिलने की आशंका को लेकर शादी की डेट आगे बढ़ाई गई है, क्योंकि सिलेंडर को लेकर अभी मार्केट में अफरातफरी का माहौल है। वहीं गैस सिलेंडर की जगह लकड़ी या फिर कोयला के चूल्हें पर खाना बनाने के लिए कैटरर भी तैयार नहीं हो रहे हैं। समस्तीपुर प्रखंड के प्रभात सुंदर बताते हैं कि मेरे भाई की शादी है। सिलेंडर के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। एसडीओ सर की ओर से आश्वासन मिला था कि आपके घर अधिकारी जांच के लिए जाएंगे। शादी की बात सही हुई तो सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन सिलेंडर अब तक नहीं मिला। शहर में राजन कैटरर चलाने वाले राजन कुमार ने कहा कि अप्रैल महीने में 10 काम छोड़ चुके हैं। कुछ जगहों पर लकड़ी और कोयला वाले चूल्हे पर ही काम का जिम्मा लिया है। लेकिन जहां लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजदूर तैयार नहीं हो रहे हैं, वहां काम छोड़ना पड़ रहा है। जितवारपुर टैंड और कैटरिंग चलाने वाले राहुल कुमार बताते हैं कि अभी शहर में काम नहीं कर रहे। देहाती इलाके में काम कर रहे हैं। जहां पर आराम से जलावन पर खाना बनाया जा सके। काम भी सीमित हो गया है। कुछ लोगों ने तो खुद ही शादी का डेट बढा लिया है। समस्तीपुर के अलग-अलग प्रखंडों में कुल मिलाकर 86 गैस एजेंसी है, जिनके माध्यम से रोजाना करीब 19 हजार घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन अब रोजाना मात्र 15 हजार सिलेंडर की उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएसी नंबर आने के 10 दिनों बाद लोगों को सिलेंडर मिल रहा है। जिससे सुबह से ही लोग गैस गोदाम पर पहुंच जाते हैं। स्थान: मुजफ्फरपुर SDM ऑफिस आवेदन करने पहुंचे दीपक कुमार ने बताया कि मेरी बेटी की शादी है और इसी कारण मैं गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम ऑफिस आया हूं। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर के लिए आवेदन की प्रक्रिया जितनी जटिल लग रही थी, उतनी है नहीं। उन्होंने बताया कि ऑफिस पहुंचने पर एक फॉर्म दिया गया, जिसे भरने 5 मिनट लगा। इसके बाद आधार कार्ड और शादी का कार्ड संलग्न कर आवेदन जमा कर दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि समय पर गैस उपलब्ध करा दी जाएगी। एसडीएम ने बताया, प्रक्रिया बेहद सरल इस संबंध में एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में गैस की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले पैनिक जैसी स्थिति जरूर बनी थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह सामान्य हैं। जिन परिवारों में शादी या अन्य बड़े आयोजन हैं, वे अनुमंडल कार्यालय में आवेदन देकर आसानी से कमर्शियल सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। एसडीएम ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल है। आवेदक को एक निर्धारित फॉर्म में अपने आयोजन स्थल, तारीख और आवश्यक सिलेंडरों की जानकारी देनी होती है। इसके साथ शादी का कार्ड और आधार कार्ड अटैच करना अनिवार्य है। अलग से बनाया गया हेल्प डेस्क उन्होंने यह भी बताया कि आवेदन जमा करने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक का समय निर्धारित है, जबकि स्वीकृत आदेश शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच वितरित किए जाते हैं। लोगों की सुविधा के लिए कार्यालय में एक हेल्प डेस्क भी बनाया गया है, जहां आवेदन से जुड़ी पूरी जानकारी दी जा रही है। साथ ही, आवेदकों को गैस एजेंसी के पास सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जमा करना होगा और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद खाली सिलेंडर वापस एजेंसी को लौटाना अनिवार्य होगा। 5 से अधिक कामर्शियल सिलेंडर पर पाबंदी शादी-विवाह जैसे आयोजनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल किसी भी आयोजन में 5 से अधिक कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार ने बताया कि नियमानुसार 100 किलो से अधिक गैस एक साथ उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। एक कमर्शियल सिलेंडर में करीब 19 किलो गैस होती है, इसलिए अधिकतम 5 सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं। इमरजेंसी के लिए तैयार है कोयले वाले मिट्टी के चूल्हे मुजफ्फरपुर के खबरा रोड स्थित श्री बंशी मैरेज गार्डन के मैनेजर अभिनंदन कुमार ने बताया कि फिलहाल पार्टी की ओर से ही गैस सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है। चूंकि सरकार की ओर से जारी निर्देश के बाद लोगों को शादी समारोह के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराई जा रही है। इस वजह से समरोह में कोई परेशानी नहीं आ रही। हालांकि इमरजेंसी के लिए कोयले वाले मिट्टी के चूल्हें भी तैयार किए गए हैं।


