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सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत गामदेसाई निवासी प्रसिद्ध पशुपालक और अनुभवी पशु चिकित्सक रातू हांसदा का इलाज के दौरान निधन हो गया। बीते 16 अप्रैल को एक सड़क हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके निधन के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सिदो-कान्हू चौक पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया है। रातू हांसदा क्षेत्र में एक कुशल पशुपालक और अनुभवी पशु चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सम्मान स्वरूप राजनगर बाजार के कई दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग जैसे ही उनका पार्थिव शरीर राजनगर पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सिदो-कान्हू चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। वे मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विपुल कुमार ओझा और बीडीओ मलय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। शुक्रवार सुबह तक जाम जारी रहने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। राजनगर बाजार की दुकानें भी बंद रहीं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन मुआवजे के मामले में गंभीर नहीं है और अब तक ट्रक मालिक से संपर्क नहीं हो पाया है। फिलहाल ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

