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कुपोषण मुक्त बिहार की दिशा में चलाए गए पोषण पखवाड़ा-2026 में बेगूसराय ने इतिहास रच दिया है। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की ओर से पटना के ज्ञान भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समापन समारोह में बेगूसराय की तीन परियोजनाओं ने पूरे प्रदेश में शीर्ष तीन स्थानों पर कब्जा जमाकर जिला प्रशासन का मान बढ़ाया है। उपमुख्यमंत्री और सचिव ने थपथपाई पीठ पटना में आयोजित भव्य समारोह में उपमुख्यमंत्री सह समाज कल्याण मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने बेगूसराय की टीम को प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान घोषणा की गई कि बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर पोषण पखवाड़ा के सफल क्रियान्वयन में प्रथम स्थान हासिल किया है, जिसमें बेगूसराय का योगदान सबसे अग्रणी रहा। सम्मानित किए गए CDPO-समन्वयक इस कामयाबी में जमीनी स्तर पर गतिविधियों का सफल संचालन रहा। प्रथम स्थान हासिल गढ़पुरा के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) अनूप जयसवाल और प्रखंड समन्वयक मो. इमरोज, द्वितीय स्थान मंसूरचक के CDPO मो. महताब ग्यास और प्रखंड समन्वयक मेघा कुमारी व तृतीय स्थान खोदावंदपुर के CDPO नीतेश कुमार और प्रखंड समन्वयक विवेक कुमार को सम्मानित किया गया। पिरामल का तकनीकी सहयोग इस सफलता की सूत्रधार जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रश्मि कुमारी रही। जिनके नेतृत्व में जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर रिकॉर्ड गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान को सफल बनाने में पिरामल के दीपक मिश्रा का तकनीकी सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने आईसीडी के विभिन्न कार्यक्रम में सहयोग और मार्गदर्शन किया। जिससे बेगूसराय की रैंकिंग में निरंतर सुधार हुआ। बेगूसराय की सफलता का कारण समारोह में दी गई जानकारी के अनुसार बेगूसराय ने पोषण पखवाड़ा के दौरान बच्चों में स्क्रीन टाइम कम करने, दिव्यांगता जांच के लिए विशेष प्रोटोकॉल (DSS) का पालन करने और हमारे बच्चे, हमारा परिवार जैसे जागरूकता अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। डीपीओ ने बताया कि यह बेगूसराय के लिए गौरव की बात है। हमारी पूरी टीम ने एक लक्ष्य के साथ काम किया। कुपोषण दूर में आई कमी गढ़पुरा, मंसूरचक और खोदावंदपुर की सफलता जिले के हर कर्मी की मेहनत का फल है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुपोषण (वेस्टिंग और अंडरवेट) के आंकड़ों में भारी गिरावट आई है। सचिव वंदना प्रेयषी ने इस मौके पर घोषणा किया की दो महीनों में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को हाई-टेक एंड्रॉयड मोबाइल फोन दिए जाएंगे। जिससे पोषण ट्रैकर का कार्य और भी सुचारू रूप से हो सके।

