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जमुई में शनिवार शाम गरही डैम में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान नवादा जिले के कौआकोल थाना क्षेत्र के इपकवा गांव निवासी मो. अफजल (17) और मो. समीर (21) के रूप में हुई है। हादसे के बाद एंबुलेंस तीन घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण शवों को ई-रिक्शा से ले जाना पड़ा। नवादा के पकरी बरमा इलाके के गुलनी गांव से पांच दोस्त फर्नीचर का सामान पहुंचाने गरही बाजार आए थे। उन्होंने काम खत्म होने के बाद गरही डैम घूमने का प्लान बनाया था। सामान उतारने के बाद सभी दोस्त डैम पहुंचे। दोस्त को बचाने के लिए डैम में लगाई छलांग डैम पहुंचने पर अफजल ने नहाने की जिद की और कपड़े उतारकर पानी में उतर गया। कुछ ही देर में वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। अपने दोस्त को डूबता देख समीर ने उसे बचाने के लिए डैम में छलांग लगा दी। हालांकि, पानी की गहराई और स्थिति को समझ नहीं पाने के कारण वह भी डूब गया। दोनों को डूबता देख उनके साथी मो. आदिल, मो. शाहबाज और मोहम्मद आयान घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर डैम में छलांग लगाई। काफी मशक्कत के बाद एक युवक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दूसरे युवक का शव करीब एक घंटे की कड़ी तलाश के बाद बरामद किया गया। इस दौरान, घटना के तीन घंटे बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन, मृतकों के शवों को ई-रिक्शा से ले जाया गया। थानाध्यक्ष ने घटनास्थल का लिया जायजा घटना की सूचना मिलते ही गरही थाना अध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय डॉक्टरों को बुलाकर मौके पर ही जांच कराई गई, जिसमें दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेजा जा रहा है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, जिला प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हुई, जब घटना के करीब तीन घंटे बाद तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। थाना अध्यक्ष और स्थानीय लोगों की मदद से ई-रिक्शा के जरिए शवों को सदर अस्पताल भेजा गया। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

