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गिरिडीह सदर प्रखंड के बजटो-कुम्हरगढ़िया गांव में फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। जहां गोलगप्पा और छोला खाने के बाद एक 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे और अन्य लोग बीमार पड़ गए। मृतक की पहचान रंजन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम गांव में एक ठेला विक्रेता गोलगप्पा और छोला बेचने आया था, जिसे बच्चों सहित कई लोगों ने खाया। रात तक सभी सामान्य थे, लेकिन रविवार सुबह अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सभी को सदर अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों की टीम द्वारा सभी का इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही डीसी रामनिवास यादव, एसडीएम श्रीकांत यशवंत बिस्पुते, सिविल सर्जन बच्चा सिंह और एसडीपीओ जीतवाहन उरांव समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने तत्काल गांव में मेडिकल टीम और एंबुलेंस भेजी है, ताकि अन्य प्रभावित लोगों को भी अस्पताल पहुंचाया जा सके। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ इलाज करने का निर्देश दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद खुलासा, जांच के दिए आदेश डीसी रामनिवास यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चाट-छोला खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि सभी बीमारों का इलाज जारी है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं, सिविल सर्जन बच्चा सिंह ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। कहा कि मृतक बच्चे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। बीमारों में शिवम कुमार, दिवाकर कुमार, मनिता कुमारी, अनुराधा कुमारी, प्रिंस कुमार, सुजीत कुमार, रानी कुमारी, रिया कुमारी, प्रतीक कुमार, मधु कुमारी, जागृति देवी, रिंकी देवी, बलराम प्रसाद वर्मा और रेखा देवी सहित अन्य शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। वहीं एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने कहा कि शाम लगभग 7 बजे प्रशासन को सूचना मिली। जिसके बाद प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने समन्वय बनाकर बीमार 18 बच्चों एवं अन्य लोगों को अस्पताल पहुंचाया। जहां सभी का इलाज चल रहा है।


