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गया नगर निगम सभागार में आज सशक्त स्थायी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने की, जबकि संचालन स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, समिति सदस्य मनोज कुमार, विनोद कुमार यादव, चुन्नू खां, स्वर्णलता वर्मा, उप नगर आयुक्त शशिकांत कुमार सहित निगम के कई अधिकारी व कर्मी मौजूद थे। बैठक में शहर के समग्र विकास, साफ-सफाई, नाली-नाला सफाई, जलापूर्ति, सड़क व प्रकाश व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति और निगम की आय बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। विभिन्न एजेंडों पर विचार-विमर्श के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों पर अंतिम मुहर गुरुवार को होने वाली बोर्ड बैठक में लगेगी। शहर की सफाई व्यवस्था एक प्रमुख मुद्दा रही बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था एक प्रमुख मुद्दा रही। मेयर गणेश पासवान ने कई वार्डों में बदहाल सफाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो शहर की रैंकिंग में भारी गिरावट आएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। मेयर ने बताया कि कई क्षेत्रों में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, जिससे गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि निगम के कुल 325 सफाई गाड़ी में से 26 खराब पड़े हैं। इस पर मेयर ने तत्काल सभी खराब वाहनों को ठीक कराने और आवश्यकता पड़ने पर नए वाहनों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि सफाई कार्य में कोई बाधा न आए। टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए समिति सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया में विलंब के कारण रुके हुए हैं, जिससे जनता को परेशानी हो रही है। बैठक में जलापूर्ति व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था में सुधार पर भी विशेष जोर दिया गया। शहर में 11 हजार नई एलईडी लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया, जिससे सड़कों पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था हो सके। इस पर नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को चेतावनी दी कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर अगली बैठक तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो दोषी अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा और निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रकाश व्यवस्था सुधारने के लिए फैसले शहर की खराब प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। सदन में मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में सुदृढ़ ग्रामीण क्षेत्रों व कई मोहल्लों और गलियों में आज भी अंधेरा रहता है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कत होती है और अपराध की आशंका भी बनी रहती है। इस पर समिति ने बड़ा निर्णय लेते हुए शहर के सभी 53 वार्डों में कुल 11,000 एलईडी लाइट लगाने का फैसला लिया। इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में एक हाई मास्ट और एक मिनी हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना बनाई गई। बैठक में 70 हाई मास्ट और 70 मिनी हाई मास्ट लाइट खरीदने की स्वीकृति दी गई, जिससे प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रोशनी की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी। जलापूर्ति के चर्चा के दौरान बुडको के अधिकारी नदारद भीषण गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को बैठक में अत्यंत महत्वपूर्ण एजेंडा माना गया। लेकिन इस दौरान बुडको के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मेयर ने कड़ी नाराजगी जताई।
मेयर ने कहा कि जब शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है, ऐसे समय में संबंधित एजेंसी के अधिकारियों का बैठक में शामिल न होना बेहद गंभीर लापरवाही है। सशक्त स्थायी समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस मामले में नगर विकास विभाग, मगध आयुक्त और जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
साथ ही शहर में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 40 नए पानी टैंकर और 25 ट्रैक्टर इंजन खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा व्यावसायिक क्षेत्रों में भी टैंकर के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। नाला-नाली सफाई में देरी पर चिंता बरसात के पहले नाला-नाली की सफाई नहीं होने पर समिति ने चिंता जताई। मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि अप्रैल समाप्त होने वाला है, लेकिन अब तक बड़े स्तर पर नाला सफाई शुरू नहीं हुई है। इससे मानसून में जलजमाव की समस्या गंभीर हो सकती है। इस पर कार्यपालक अभियंता ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, हालांकि सीमित संख्या में ही ठेकेदारों ने रुचि दिखाई है। समिति ने निर्देश दिया कि पूर्व की भांति प्रकिया अपनाते हुए हर हाल में जल्द से जल्द सफाई कार्य शुरू किया जाए और समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। निगम की आय बढ़ाने के लिए मॉल और मार्केट का निर्माण नगर निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत शहर के चार प्रमुख स्थानों पर निगम की खाली जमीन पर कॉम्प्लेक्स, मार्केट और मॉल विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से नगर निगम की आय में वृद्धि होगी और शहर के लोगों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। शहर के विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया गया।आवश्यक स्थानों पर टॉयलेट का निर्माण होगा। आवश्यक स्थानों पर 100 सोलर लाइट लगाने का निर्णय लिया गया है।

