देश की पहली डिजिटल जनगणना के लिए झारखंड तैयार है। पहले चरण में एक मई से स्व-गणना का काम शुरू होगा। इसमें लोग अपने मोबाइल फोन से परिवार का ब्योरा दर्ज कर सकेंगे। यह प्रक्रिया 15 मई तक चलेगी। झारखंड के जनगणना निदेशक प्रभात कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्व-गणना एक सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से लोग पोर्टल पर परिवार की जानकारी दे सकेंगे। उनकी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। फिर जनगणना कर्मी 16 मई से 14 जून तक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इस दौरान जो लोग स्व-गणना के माध्यम से जानकारी नहीं देंगे, जनगणना कर्मी उनसे यह काम पूरा कराएंगे। दूसरे चरण में 16 मई से घरों का सर्वेक्षण होगा, जो 14 जून 2027 तक चलेगा। इसमें मकान और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद जनगणना का अगला चरण 9 फरवरी 2027 से शुरू होगा और 27 फरवरी 2027 तक चलेगा। इसमें नाम, उम्र, लिंग, धर्म और जाति जैसी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज की जाएगी। संस्थागत भवनों की गणना नहीं होगी : उन्होंने बताया कि झारखंड के सभी जिलों में जनगणना अधिकारी नियुक्त होंगे। सेल्टर और मकानों को सूचीबद्ध करने में संस्थागत भवनों की गणना नहीं की जाएगी। हर राज्य सरकार ने अपनी सुविधा के अनुसार समय का निर्धारण किया है। उन्होंने कहा कि जनगणनाकर्मी सीधे आंकड़े एकत्र करने के लिए राज्य भर के घरों का दौरा करेंगे। इसके लिए राज्य में करीब 76 हजार जनगणना कर्मी और पर्यवेक्षक तैनात होंगे। पूरे देश में 35 लाख लोग जनगणना के काम में लगाए गए हैं।
