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भास्कर न्यूज|गुमला मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय गुमला में आज वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव का मुख्य विषय चेतना- जागरूकता, सजगता व सृजनात्मक चिंतन रखा गया था, जो न केवल छात्रों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने का मंच बना, बल्कि उनमें सामाजिक और रचनात्मक बोध को भी जागृत किया। यह पूरा आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा निर्धारित एग्री यूनिफेस्ट की श्रेणियों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुआ। महोत्सव को मुख्य रूप से पांच श्रेणियों संगीत, नृत्य, थिएटर, लिटरेरी (साहित्यिक) और फाइन आर्ट्स (ललित कला) में विभाजित किया गया था, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत गीत-संगीत से हुई, जिसमें लाइट वोकल, सामूहिक गीत और देशभक्ति गीतों ने समां बांध दिया। थिएटर श्रेणी के तहत वन एक्ट प्ले, स्किट, माइम और मोनो एक्ट के माध्यम से छात्रों ने समसामयिक विषयों पर अपनी अनूठी प्रस्तुति दी। वहीं, लिटरेरी श्रेणी में क्विज, एलोक्यूशन, वाद-विवाद और एक्सटेम्पोर स्पीच के जरिए विद्यार्थियों की तार्किक और भाषायी दक्षता देखी गई।
