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कांग्रेस ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुल्ला बताया है। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि एक पुरानी कहावत है नया मुल्ला प्याज अधिक खाता है। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुल्ला बने हैं, इसलिए कुछ दिनों तक प्याज अधिक खाएंगे। उन्होंने ऐलान किया है कि गांव-गांव अधिकारी और मंत्री जाएंगे। ऐसा ही कुछ प्रयोग पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी किया था। गांव के लोग अधिकारी के दरवाजे पर माथा रगड़कर आ गए, लेकिन कोई अधिकारी उनको नहीं मिला और ना आगे मिलेगा। भाजपा की सरकार जहां कहीं भी है, वहां पर ब्यूरोक्रेट्स शासक होते हैं और वहां का मुख्यमंत्री ब्यूरोक्रेट्स का पीए होता है। मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर लगाने का किया था ऐलान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर लगाने का ऐलान किया है। ये शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे, जहां अधिकारी जनता की समस्याएं सुनेंगे और 30 दिनों के भीतर उनका निपटारा करेंगे। इसका उद्देश्य जन समस्याओं का मौके पर समाधान करना और प्रशासनिक कामकाज को सुलभ बनाना है। पंचायत स्तर पर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए ब्लॉक कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। सम्राट चौधरी ने डीएम-एसपी के साथ मीटिंग में यह निर्देश दिया कि अधिकारी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यालय में बैठकर पब्लिक की समस्याएं सुनें और पीड़ितों को न्याय दिलवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

